मुनिश्री प्रणुत सागर जी महाराज सानिध्य में रविवार दोपहर 1 बजे धर्म प्रभावक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इसमें निःस्वार्थ धर्म की प्रभावना करने वाले 125 इनफ्लूएन्सर्स का सम्मान किया गया। धर्म प्रभावक सम्मान समारोह का यह तीसरा वर्ष है। उज्जैन से पढ़िए, अभिषेक अशोक पाटील की यह खबर…
उज्जैन। मुनिश्री प्रणुत सागर जी महाराज सानिध्य में रविवार दोपहर 1 बजे धर्म प्रभावक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इसमें निःस्वार्थ धर्म की प्रभावना करने वाले 125 इनफ्लूएन्सर्स का सम्मान किया गया। धर्म प्रभावक सम्मान समारोह का यह तीसरा वर्ष है। इस विशेष अवसर पर धर्म और संस्कृति का अद्वितीय और अद्भुत संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में बाल एवं युवा प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। यह प्रतिभाएं सोशल मीडिया जैसे आधुनिक माध्यमों के जरिए जैन धर्म की प्रभावना में सक्रिय योगदान दे रही हैं। मुनि श्री प्रणुत सागरजी महाराज ने कहा कि इस आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और प्रेरणादायक क्षण में धर्म प्रभावकों का यह सम्मान उनके प्रयासों की सराहना है, बल्कि आने वाली पीढ़ी में धर्म के प्रति उत्साह, आत्मविश्वास और प्रेरणा जगाने का संकल्प भी है।
मुंबई, उज्जैन के सब भक्तों ने मिलकर के धर्म की ज्योति को और प्रखर कर अद्भुत और अविस्मरणीय कार्य किया है। भोपाल के श्रेष्ठ जैन विशु ने बताया कि कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विश्व प्रसिद्ध साड़ी क्वीन, लिम्का बुक रिकॉर्ड धारक 325 से अधिक ड्रेपिंग शैलियों में निपुण डॉली जैन (कोलकाता)पधारी थीं। जिन्होंने देश-विदेश में भारतीय संस्कृति को साड़ी के माध्यम से नई पहचान दिलाई है। उल्लेखनीय है कि आचार्यश्री विशुद्धसागर जी महाराज के शिष्य मुनिश्री प्रणुतसागर जी महाराज का चातुर्मास उज्जैन में चल रहा है। इसमें यहां बड़ी संख्या में मुनिश्री के सानिध्य में दिगंबर जैन समाज के श्रेष्ठीजन धर्म प्रभावना का लाभ अर्जित कर रहे हैं।













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