संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर महाराज की परम शिष्या आर्यिका पूर्णमति माताजी के 36वें दीक्षा दिवस के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय आराधना महोत्सव के तहत शुक्रवार को मुरार के बारादरी चौराहे से भगवान नेमिनाथ के गृहस्थ अवस्था के नेमिकुमार की भव्य बारात निकाली गई। पढ़िए सौरभ जैन की रिपोर्ट…
ग्वालियर। संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर महाराज की परम शिष्या आर्यिका पूर्णमति माताजी के 36वें दीक्षा दिवस के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय आराधना महोत्सव के तहत शुक्रवार को मुरार के बारादरी चौराहे से भगवान नेमिनाथ के गृहस्थ अवस्था के नेमिकुमार की भव्य बारात निकाली गई। यह बारात दोपहर 1 बजे से शुरू होकर सदर बाजार, हुरावली मार्ग से होते हुए सिरोल चौराहा स्थित चातुर्मास स्थल पहुंची। इस दिन कि बारात में नेमिकुमार के साथ भगवान श्रीकृष्ण और अन्य राज्यों के राजा भी रथों पर सवार हुए । जैन युवा सेवा मंडल मुरार के अर्पित जैन ने बताया कि इस भव्य बारात में जबलपुर, हापुड़, नासिक, पंजाब और लोकल बैंड के साथ महाराष्ट्र की ढोल पार्टी ने अपनी प्रस्तुति दी। इसके साथ ही ट्रॉलियों पर विभिन्न संस्कृक्तियों के नृत्य भी प्रस्तुत किए गए।
होगा नेमिकुमार को वैराग्य
आयोजन समिति के अजय, डिंपल जैन एवं सौरभ जैन ने बताया कि शनिवार को सुबह 9 बजे राग से वैराग्य नृत्य नाटिका के माध्यम से नेमिकुमार के वैराग्य धारण करने का दृश्य प्रस्तुत किया जाएगा, जिसमें दिखाया जाएगा बारात में पशुओं की चीख सुनकर वैराग्य होने के पश्चात नेमिकुमार तपस्या करने के लिए गिरनार पर्वत की ओर प्रस्थान कर गए। बारात से पहले, मीरा नगर जैन मंदिर, गेरू बाला जैन मंदिर से गाजे-बाजों के साथ नेमिकुमार की बिनोली यात्रा निकाली गई, जिसमें मुरार जैन समाज द्वारा नेमिकुमार की गोद भराई की रस्म अदा की गई।
मनाया जाएगा माताजी का 36वां दीक्षा दिवस
10 अगस्त को आर्यिका पूर्णमति माताजी का 36वां दीक्षा दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर देश भर से सैकड़ों भुक्तगण शामिल होंगे।













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