जैनधर्म के 24 वे तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी का 2622 वां जन्म कल्याणक महोत्सव भक्तिभाव व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। पढ़िए सन्मति जैन की रिपोर्ट –
सनावद। जैनधर्म के 24 वे तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी का 2622 वां जन्म कल्याणक महोत्सव भक्तिभाव व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। समाज प्रवक्ता सन्मति जैन काका बताया कि सुबह सात बजे बड़े मन्दिर जी से रथ में श्री जी को विराजमान कर नगर के मुख्य होते हुए पुनः बड़े मंदिर जी में रथयात्रा का समापन हूआ। श्री जी के रथ को हर वर्ष अनुसार सभी युवा साथियों व समाजजनों के द्वारा हाथ से श्रीजी के रथ को खींचा व सभी धर्मावलंबियों ने अपने-अपने घरों के सामने श्री जी की आरती उतारी। उसके बाद श्री जी का पंचामृत अभिषेक बड़े मंदिर जी में संपन्न हुआ।

जैन धर्म शाश्वत है –
रथ के सारथी बनने का सौभाग्य सुनील कुमार डीपीएस परिवार को प्राप्त हुआ एवं श्री जी को रथ में लेकर बैठने का सौभाग्य पुष्पेंद्र कुमार पंचोलिया परिवार को प्राप्त हुआ। वही सोधर्म इंद्र बनने का सौभाग्य मुकेश कुमार जैन शुभम पेप्सी को मिला। भगवान महावीर स्वामी के बताए हुए रास्ते पर चलने वाला व्यक्ति कभी अपने धर्म से नही भटकेगा। जैनधर्म बहूत ही शाश्वत धर्म है वे अनादी काल से चला आ रहा है और आगे भी चलता रहेगा। भगवान महावीर का अमर संदेश है जियो ओर जीने दो जिसे आज सम्पूर्ण विश्व मे जैन समाज मानकर जैन धर्म का प्रचार प्रसार कर रही है।

बालक वर्धमान को पालना झुलाया
वही रात्रि में बालक वर्धमान के माता पिता बनने का सौभाग्य वैभव कुमार भाई विशाल राजेश चौधरी परिवार को प्राप्त हुआ सभी समाजजनों के द्वारा नवनिर्मित जैन परिसर में बालक वर्धमान को पालना झुलाया गया। व मंगल गीत गाये गाए। इस अवसर पर महोत्सव कमेटी के पवन धनोते, प्रदीप पंचोलिया, मुकेश जैन,मनोज जैन, आशीष ज़ाज़री ने इस सफल आयोजन के लिये सभी समाजजनों का आभार माना।













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