धर्म ध्यान एवं त्याग की नगरी कहे जाने वाले नगर सनावद में चातुर्मासरत मुनि श्री विश्वसूर्यसागर जी महाराज एवं मुनि श्री साध्यसागर जी महाराज के सानिध्य में अखंड 12 घंटे का भक्तामर पाठ किया गया। सनावद से पढ़िए, सन्मति जैन काका की यह खबर…
सनावद। धर्म ध्यान एवं त्याग की नगरी कहे जाने वाले नगर सनावद में चातुर्मासरत मुनि श्री विश्वसूर्यसागर जी महाराज एवं मुनि श्री साध्यसागर जी महाराज के सानिध्य में अखंड 12 घंटे का भक्तामर पाठ किया गया। श्री दिगंबर जैन पार्श्वनाथ बड़ा मंदिर में आचार्य मानतुंग स्वामी द्वारा रचित अखंड 12 घंटे का भक्तामर पाठ के दौरान मुनिश्री साध्य सागर जी महाराज ने प्रत्येक काव्य का अर्थ समझाते हुए वर्णन किया एवं बताया कि आध्यात्मिक और मानसिक शांति प्राप्त करना, रोगों से मुक्ति पाना, सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना और आर्थिक समृद्धि की दिशा में मार्गदर्शन प्राप्त करना है।
यह स्तोत्र आचार्य मानतुंग द्वारा रचित भगवान आदिनाथ की स्तुति है और इसमें 48 श्लोक हैं। जिनमें से प्रत्येक श्लोक में विशेष ऊर्जा और शक्ति होती है। इसके पाठ के करने से आत्म विश्वास में वृद्धि, साकारात्मक ऊर्जा, रोगों से मुक्ति, आर्थिक समृद्धि, आध्यामिक से सुरक्षा, आध्यात्मिक उन्नति एवं इसके चमत्कारी प्रभाव बताए गए हैं। रात्रि 8 बजे से प्रारंभ होकर सबेरे 8बजे तक हुए अखंड भक्तामर पाठ में मयंक धनोते, निमिष जैन, परिन जैन, विकास जैन, आशीष जैन, नितिन जैन, हेमंत काका, प्रतीक जैन, रजनीश जैन, कमलचंद जटाले, अभिजीत जैन, प्रशांत चौधरी, रिंकेश जैन, अनीश जैन, अभिषेक गोटू, अश्विनी चौधरी, प्रज्ञा धनोते, अंशुमा जैन, प्रियंका पंचोलिया, वर्षा जैन, सहित सभी समाजजनों ने अपनी अपनी सहभागिता दर्ज करवाई।













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