नौगामा। उत्तम आर्जव धर्म के दिन शनिवार को नौगामा नगर में श्रुत तीर्थ धाम बीना के बाल ब्रह्मचारी संदीप भैया, विधानाचार्य रमेशचंद्र गांधी, सुभाष नानावटी, आशीष पिंडरमिया के सानिध्य में आदिनाथ मंदिर भगवान महावीर समवशरण मंदिर सुखोदय तीर्थ में विशेष शांति धारा अभिषेक किया गया। नौगामा से पढ़िए, सुरेशचंद्र गांधी की यह खबर…
नौगामा। उत्तम आर्जव, धर्म के दिन शनिवार को नौगामा नगर में श्रुत तीर्थ धाम बीना के बाल ब्रह्मचारी संदीप भैया, विधानाचार्य रमेशचंद्र गांधी, सुभाष नानावटी, आशीष पिंडरमिया के सानिध्य में आदिनाथ मंदिर, भगवान महावीर समवशरण मंदिर, सुखोदय तीर्थ में विशेष शांति धारा अभिषेक किया गया। इसके बाद श्रीजी को गाजे-बाजे के साथ पांडाल में लाकर सिंहासन पर विराजमान किया गया। गीतकार पंकज जैन की मधुर स्वर लहरियों के साथ महिला पुरुषों ने बड़े भक्ति भाव से देव शास्त्र गुरु पूजन, दशलक्षण पूजन, सरस्वती पूजन के अर्घ्य गरबा नृत्य करते हुए चढ़ाए। पूजन के बीच में भैया जी द्वारा आर्जव धर्म के बारे में बताते हुए कहा कि मन वचन और काय की सरलता एकता का नाम है आर्जव। सरल स्वभावी जीव सभी का प्रिय बन जाता है।
सहजता सरलता सादगी में ही मानव जीवन के आभूषण है। हमें इसका पालन करना है। दोपहर में भैया जी द्वारा ततवार्थ सूत्र का वाचन एवं अर्थ बताया गया। शाम को भक्तामर के 48 दीप प्रज्वलित करने का सौभाग्य को प्राप्त हुआ। महाआरती के बाद प्रश्न मंच हुआ। जैन पाठशाला के बच्चों द्वारा मनीषा नानावटी के दिशा निर्देशन में गज मोती नामक नाटक का मंचन किया गया। भैया जी ने बताया कि रविवार को नौगामा में 8 वर्ष के बच्चों को दीक्षा संस्कार दिए जाएंगे।













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