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जैन धर्म के अनुसार किया गया काल सर्प विधान : भगवान की आराधना धीरे-धीरे मोक्ष की ओर ले जाती है- मुनि पूज्य सागर


अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर महाराज के सानिध्य में पूज्य वर्षा योग धर्म प्रभावना समिति की ओर से मोदी जी की नसियां, बड़ा गणपति में कालसर्प विधान जैन धर्म के अनुसार किया गया। इसमें 40 परिवारों ने हिस्सा लेकर अपने काल सर्प दोष और राशि दोष का निवारण किया। इस अवसर पर मुनि श्री के प्रवचन भी हुए। पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट…


इंदौर। अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर महाराज के सानिध्य में पूज्य वर्षा योग धर्म प्रभावना समिति की ओर से मोदी जी की नसियां, बड़ा गणपति में कालसर्प विधान जैन धर्म के अनुसार किया गया।

इसमें 40 परिवारों ने हिस्सा लेकर अपने काल सर्प दोष और राशि दोष का निवारण किया। कार्यक्रम में सबसे पहले भगवान का अभिषेक और शांतिधारा की गई, इसका सौभाग्य राजकुमार चौधरी (किशनगढ़), अतिशय गंगवाल, संजय पापड़ीवाल, संजय जैन, कमलेश जैन को प्राप्त हुआ।

इसके बाद भगवान पार्श्वनाथ, भगवान नेमिनाथ, राहु-केतू ग्रह की पूजा एवं कल्याण मंदिर विधान के माध्यम से 24 तीर्थंकरों एवं यक्ष-यक्षिणी की आराधना की गई।

संपूर्ण विधि-विधान का कार्य पंडित नितीश जैन के मार्गदर्शन में हुआ। मुख्य हवन कुंड में पूजा करने का सौभाग्य रेखा संजय जैन को प्राप्त हुआ।

वहीं काल सर्प विधान में बैठने वाले परिवारों ने भी हवन में आहुतियां दीं। कुल मिलाकर 2100 मंत्रों के साथ आहुतियां दी गईं।

सुख-शांति का कारण बनता है विधान

इस अवसर पर मुनि श्री ने कहा कि राहु-केतू के बीच जब सारे ग्रह आ जाते हैं तो काल सर्प योग बनता है। हर ग्रह के लिए एक-एक विधान और कुल मिलाकर विस्तार से 144 प्रकार का विधान किया जाता है।

विधान में सभी राशियों के अर्घ्य चढ़ाए गए और राशियों का दोष करने के लिए अनुष्ठान किया गया है, जो सभी के लिए सुख-शांति और समृद्धि का कारण बनेगा। इसके साथ ही आज की गई जिनेंद्र भगवान की आराधना सभी के पुण्य के अर्जन का माध्यम बनेगी।

पुण्य के माध्यम से ही पाप कर्म की निर्जरा होती है। इसलिए सबके रोग, शोक, दुख दूर होंगे।

हमें निरंतर इसी प्रकार से भगवान की आराधना करनी चाहिए, तभी हम अपने सभी सांसारिक कार्यों को सफलता पूर्वक पूर्ण कर सकते हैं।

जब ये कार्य सफल हो जाते हैं तो यही पूजा- अनुष्ठान हमें मोक्ष प्राप्त करवाती है। विधान में इंदर सेठी, नरेंद्र वेद, भरत जैन, पवन जैन पूर्व पार्षद, पवन पाटोदी, विकास जैन, सुनील गोधा, वीरेंद्र बड़जात्या, योगेंद्र काला, कमल काला, सोनू जैन, पारस पांड्या विजय जैन भी मौजूद रहे।

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