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मिला उपाध्यायश्री विहसंतसागर जी महाराज का मंगल सानिध्य : आचार्य शांति सागर सभागार में आयोजित हुई महिला संगोष्ठी 


भगवान महावीर के 2550वें निर्वाण वर्ष में 25 अगस्त को अर्पितमय पावन वर्षायोग समिति कमलानगर के तत्वावधान एवं मेडिटेशन गुरु उपाध्यायश्री विहसंत सागर जी महाराज ससंघ के मंगल सानिध्य में आगरा नगर की समस्त दिगंबर जैन महिलाओं की राष्ट्रीय हित में नारी का योगदान के विषय पर हरीपर्वत स्थित श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर के आचार्य शांतिसागर सभागार पर महिला संगोष्ठी आयोजित की गई। पढ़िए शुभम जैन की रिपोर्ट…


आगरा। भगवान महावीर के 2550वें निर्वाण वर्ष में 25 अगस्त को अर्पितमय पावन वर्षायोग समिति कमलानगर के तत्वावधान एवं मेडिटेशन गुरु उपाध्यायश्री विहसंत सागर जी महाराज ससंघ के मंगल सानिध्य में आगरा नगर की समस्त दिगंबर जैन महिलाओं की राष्ट्रीय हित में नारी का योगदान के विषय पर हरीपर्वत स्थित श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर के आचार्य शांतिसागर सभागार पर महिला संगोष्ठी आयोजित की गई। इसकी शुरुआत ऊषा मारसंस के मंगलाचरण के साथ हुई। कमलानगर महिला मंडलों ने उपाध्यायश्री के समक्ष श्रीफल भेंट किया।

अर्पितमय पावन वर्षायोग समिति कमलानगर के पदाधिकारीओं ने समाधिस्थ आचार्य श्री विराग सागर जी महाराज के चित्र का अनावरण एवं दीप प्रज्ज्वलित किया। साथ ही ग्रेटर कमलानगर महिलाओं ने उपाध्यायश्री के चरणों का प्रक्षालन कर मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया। समकित जैन के निर्देशन में आगरा नगर की समस्त बेटियों द्वारा आखिर ऐसा अब तक क्यों और आखिर क्यों भ्रूण हत्या पर बहुत सुंदर नाटिका का मंचन किया गया। इसके बाद सभी महिलाओं ने ध्यान सुगृहिणी से घर का निर्माण, घर से समाज का निर्माण एवं समाज से राष्ट्र निर्माण के उद्देश्य और महिलाओं एवं बेटियों पर हो रहे अत्याचारों पर और विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई और स्थानीय प्रवक्ताओं ने नारी के योगदान पर अपने-अपने विचार व्यक्त किए।

इस महिला संगोष्ठी में विशिष्ट अतिथि के रूप में कैबिनेट मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार एवं पूर्व राज्यपाल बेबी रानी मौर्य जी उपस्थित रही। जिसका आयोजन समिति ने माला एवं दुपट्टा पहनकर स्वागत सम्मान किया। इसके बाद कैबिनेट मंत्री एवं राज्यपाल उत्तर प्रदेश सरकार की बेबी रानी मौर्य ने राष्ट्रहित में नारी के योगदान पर अपने भाव व्यक्त करते हुए सभी महिलाओं से आग्रह किया कि जिनके घर में बच्चे खिलौने नहीं खेलते हैं और जो घर में रखे हुए हैं उनको आंगनबाड़ी में दिया जाए क्योंकि बहुत सारे बच्चे जिन्होंने खिलौने देखे ही नहीं हैं। उन्हें अन्य संस्थाएं में दें जहां हर संस्थान इससे प्रेरित होगी।

उन्होंने कहा कि अपने बेटे को ऐसे संस्कार दे कि उनको बेटी में मां और बहन नजर आए। संगोष्ठी में सभी महिलाओं को राष्ट्रनित में नारी के योगदान के विषय पर उपाध्यायश्री विहसंतसागर जी महाराज की मंगल वाणी श्रवण करने का अवसर प्राप्त हुआ। जिसके बाद आयोजन समिति ने बाहर से पधारी सभी महिलाओं का माला दुपट्टा पहनाकर और स्वागत सम्मान किया। इस अवसर पर ऊषा मारसन्स परिवार को दान चिन्तामणि की उपाधि से विभूषित किया गया।

कार्यक्रम का संचालन अंकिता जैन, अहिंसा एवं मनोज जैन बाकलीवाल द्वारा किया गया। इस महिला संगोष्ठी में उषा मारसंस, रश्मि गोयल, उषा जैन शास्त्री, सुबीना जैन रईस, माधुरी जैन अहिंसा, वंदना जैन, अंजना जैन, ऋतु जैन, उपासना जैन, रश्मि जैन सहित समस्त ग्रेटर कमलानगर के अलावा विभिन्न शैलियों की महिला मंडल बड़ी संख्या में उपस्थित रही।

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