दिगंबर जैन परवार समाज महिला संगठन का शपथ ग्रहण समारोह राजशाही गार्डन में डीएवीवी की कुलपति डॉक्टर रेणु जैन के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। पढ़िए राजेश जैन दद्दू की रिपोर्ट…
इंदौर। दिगंबर जैन परवार समाज महिला संगठन का शपथ ग्रहण समारोह राजशाही गार्डन में डीएवीवी की कुलपति डॉक्टर रेणु जैन के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। प्रसिद्ध साहित्यकार एवं लेखिका ज्योति जैन ने संगठन की मनोनीत अध्यक्ष मुक्ता राजेश जैन, कार्याध्यक्ष वंदना जैन एवं सचिव सारिका जैन सहित नई कार्यकारिणी एवं सभी सदस्यों को संगठन के सिद्धांत, नियम और नीति के अनुसार अपने कर्तव्य एवं दायित्वों के निर्वहन की शपथ दिलाई। सभी ने ईश्वर को साक्षी मानकर शपथ ली। भिक्षु पुनर्वास केंद्र की संचालक रूपाली जैन, चोइथराम कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. रीता जैन (नायिका) एवं डॉ. अर्पणा जैन विशेष अतिथि थीं।
महिला सशक्तीकरण के लिए करें कार्य
इस अवसर पर ज्योति जैन ने संगठन की नई कार्यकारिणी को बधाई देते हुए कहा कि शपथ ग्रहिता सभी को साथ लेकर समाज कल्याण और महिला सशक्तीकरण के लिए कार्य करें। पुरुष प्रधान समाज में महिलाएं अपने को दोयम दर्जे की ना मानें। महिलाएं घर समाज एवं परिवार की धुरी हैं। उन्हें सम्मान की दृष्टि से देखा जाना चाहिए। कुलपति डॉक्टर रेणु जैन ने कहा कि समय की मांग है कि समाज में दिगंबर एवं श्वेतांबर जैन का भेदभाव मिटाएं। कोई दूसरा हमारा अहित न कर सके इसलिए संगठित रहें। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि आने वाले दिनों में भारत की होने वाली जनगणना के फार्म के कॉलम नंबर 6 में सिर्फ जैन लिखें ताकि जैनों की सही जनसंख्या ज्ञात हो सके।
चर्चा की विसंगतियों की
डॉ. रीता जैन एवं रूपाली जैन ने जैन समाज में पनप रही विसंगतियों की चर्चा की और कहा कि आज समाज में प्राचीन मंदिर एवं तीर्थ उपेक्षित हैं और नए मंदिरों और तीर्थों का निर्माण हो रहा है, उसे रोका जाना चाहिए एवं पुराने मंदिरों का जीर्णोद्धार के साथ नए मंदिरों के बजाय चिकित्सा एवं शिक्षा संस्थानों की स्थापना की जाना चाहिए। निवर्तमान अध्यक्ष रानी बडकुल ने स्वागत भाषण एवं सचिव शेफाली जैन ने सचिवीय प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। अतिथि स्वागत मधु जैन, नीलम बांझल, समता सोधिया एवं इंदिरा मोदी ने किया। समारोह का संचालन कल्पना जैन एवं अंजलि जैन ने किया।
इस अवसर पर दिगंबर जैन परवार समाज के अध्यक्ष एम के जैन सीए, डी के जैन, डॉक्टर जैनेंद्र जैन, राजेश जैन दद्दू, विपुल बांझल आदि समाज श्रेष्ठी उपस्थित थे। आभार कल्पना जैन ने व्यक्त किया।













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