इंदौर। मुनिश्री विनम्र सागर जी महाराज ने कालानी नगर स्थित त्रिमूर्ति जैन मंदिर में अपने प्रवचन जेल में लिखी इन पंक्तियों से शुरू किए कि ‘तुझे तेरी मस्ती कहां लेकर आ गई’ जहां तेरा अपने सिवा कोई नहीं’।
मुनिवर ने कहा कि जबलपुर प्रवास के दौरान एक जैन थाना प्रभारी मुझे जेल में लेकर गए। वहां यह पंक्तियां लिखी थी। मैंने वहां देखा कि कई सम्मानित लोग गलती के कारण जेल में बंद हैं। संपन्न लोग जेल में जाते हैं तो मान-सम्मान नहीं रह जाता। कुछ नव युवक भी रेसर बाइक से एक्सीडेंट करने के कारण वहां पर थे। आपने कहा कि अपने बच्चों को अपडेट करना हो तो एक बार उन्हें जेल और अस्पताल में लेकर अवश्य जाइए। जब कैदियों और रोगियों से मिलेंगे तो अपने पाप की शक्ति छोड़ देंगे।
एक व्यक्ति के अपराध से परिवार होता प्रताड़ित
6 से 20 वर्ष तक के बच्चे व्यावसायिक केंद्र होते हैं। इस उम्र में उन्हें यह समझ में नहीं आता कि पैसा कितनी मेहनत से कमाया जाता है। गलत कार्य करने के कारण आप जेल या अस्पताल गए। इसके लिए स्वयं जिम्मेदार हैं। मुनिवर ने कहा कि पाप कोई और करता है और दंश कोई और झेलता है। एक व्यक्ति का अपराध पूरे परिवार को प्रताड़ित करवाता है।
बढ़िया आदमी गुरु ही बना सकते हैं
आपने कहा कि हम यह नहीं मानते कि हम बंदर की संतान हैं। हमारे पूर्वज तो जैन कुल के ही अनुयाई रहे होंगे। हम यह भी नहीं मानते कि मनुष्य मरेगा तो अगले भव में मनुष्य ही बनेगा। वह अपने किए गए कर्मो के हिसाब से चार गतियों में से एक गति में जाएगा। गुरुवर कहते हैं कि बढ़िया आदमी गुरु ही बना सकते हैं । वहां आप बच्चों को भेजते नहीं।
अपना भोजन-पानी बदले
जितने साधन बड़े, उतनी ही दिक्कतें बढ़ गई । जो लोग अपने जन्म के समय में पैसा खर्च नहीं कराते वो एक व्यसन के कारण मरते वक्त बड़ी राशि खर्च करवा देते हैं। आपने कहा कि तुम कहीं ना कहीं हॉस्पिटल निर्माण में लगे हो और हम हॉस्पिटल नहीं। मंदिर बनाने में लगे हैं। जहां दया, क्षमा का उपदेश देने वाली दीवालें होंगी। मैं चाहता हूं दुनिया में किसी को भी रोग ना हो और ना ही हॉस्पिटल जाना पड़े। इसके लिए अपना भोजन-पानी बदले।
सुबह होगा मंदिर में झंडावंदन
इस अवसर पर मनीष नायक, सचिन जैन, राकेश सिंघई, सतीशजैन, प्रदीप बल्ला सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। दिगंबर जैन समाज सामाजिक संसद के प्रचार प्रमुख सतीश जैन ने बताया कि रविवार 26 जनवरी को सुबह मंदिर प्रांगण में गणतंत्र दिवस के अवसर पर झंडा वंदन होगा। तत्पश्चात मुनि संघ के प्रवचन होंगे।













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