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गुरुदेव ने जब प्रभु को पुकारा, बड़े बाबा उड़ते उड़ते आये-आर्यिकारत्नश्री मृदुमति माताजीः उच्चासन दिवस धूमधाम से मनाया गया


सुप्रसिद्ध सिद्धक्षेत्र कुंडलपुर में युगश्रेष्ठ संत शिरोमणि आचार्यश्री विद्यासागरजी महाराज, परम पूज्य आचार्यश्री समय सागरजी महाराज की परम प्रभावक शिष्या पूज्य आर्यिकारत्नश्री मृदुमति माताजी एवं आर्यिकारत्नश्री निर्णयमति माताजी के मंगल सानिध्य में बड़े बाबा का उच्चासन दिवस देश-विदेश से आए श्रद्धालु भक्तों के बीच धूमधाम से मनाया गया। पढ़िए राजीव सिंघई, मोनू द्वारा कुंडलपुर की पूरी खबर…


कुंडलपुर (दमोह)। सुप्रसिद्ध सिद्धक्षेत्र कुंडलपुर में पूज्य आर्यिकारत्नश्री मृदुमति माताजी एवं आर्यिकारत्नश्री निर्णयमति माताजी के मंगल सानिध्य में बड़े बाबा का उच्चासन दिवस देश-विदेश से आए श्रद्धालु भक्तों के बीच धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर पूज्य आर्यिकारत्नश्री मृदुमति माताजी ने मंगल प्रवचन देते हुए बताया कि आज 19 में वर्ष की पावन बेला है। 18 वर्ष पूर्व उच्चासन तैयार किया गया। बड़े बाबा को उच्चासन पर बिठाना था। आचार्यश्री का चतुर्विध संघ यहां आया। संपूर्ण देश में मंत्र साधना हुई संपूर्ण कुंडलपुर कमेटी, पूरा बुंदेलखंड, देश-विदेश के कोने से भक्तगण, भारतवर्ष समाज यहां जुटे थे। तकनीकि साधनों के माध्यम से बड़े बाबा से प्रार्थना हुई।

बड़े बाबा भूगर्भ से विहारकर उच्चासन पर विराजित 

बड़े बाबा के अनुरूप इस विशाल मंदिर की अद्भुत अनुपम रचना हुई। आचार्यश्री की कठिन साधना भक्ति-भावना अनुरूप उन्होंने पूज्य बड़े बाबा का पिच्छिका से पड़गाहन किया और बड़े बाबा भूगर्भ से विहार कर उच्चासन पर विराजित हुए। पूज्य माताजी ने स्वरचित रचना का गायन करते हुये कहा गुरु ने जब प्रभु को पुकारा, भूगर्भ से किया है। विहारा बड़े बाबा उड़ते-उड़ते आए। ओ बुंदेली के देवता कुंडलपुर के बाबा तुम्हें प्रणाम। बड़े बाबा के उच्चासन पर विराजित होते हुए ही यहां पर अनेक अतिशय हुवे। एक साथ 58 आर्यिकाओं की दीक्षा हुई।

माताजी के मुखारविंद से शांतिधारा का वाचन 

इंजी. आरके जैन महामंत्री ने बड़े बाबा के उच्चासन पर विराजमान होने के समय के आचार्य गुरुवर के चमत्कार संस्मरण सुनाए। इस अवसर पर प्रातः काल भक्तामर महामंडल विधान एवं पूज्य बड़े बाबा विधान दोनों विधान आर्यिकारत्नश्री मृदुमति माताजी द्वारा रचित विधान संपन्न हुए। बड़े बाबा का अभिषेक, शांतिधारा, पूजन हुआ। आर्यिकारत्नश्री मृदुमति माताजी के मुखारविंद से शांतिधारा का वाचन किया गया।

अभिषेक व शांतिधारा करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ 

प्रथम अभिषेक, शांतिधारा करने का सौभाग्य अंकुर, अंकित, मंगतराय, गर्वित, अनीता, भावना जैन परिवार रोहतक, हरियाणा, नागेंद्रनाथ निधि अरुणिमा, दीप्ति नरेंद्रनाथ जैन परिवार, ऑस्ट्रेलिया, प्रोमुल, पूनम, उदित, प्रकाशचंद, सरोज, राहुल जैन परिवार दिल्ली, महेशचंद्र, कमलकिशोर, मनीष, प्रशांत विपिन जैन परिवार दिल्ली ,विशाल हुदय पुष्पा हंसिका मिहिका काला परिवार शिलांग मेघालय, मनोज मीनू रूपचंद जी संगम परिवार दमोह ,राजेंद्र जैन, राजू सेठ, पर्व चंचल नैनी परिवार छतरपुर, ब्रह्मचारिणी अंकिता दीदी, प्रदीप जैन, मालती जैन परिवार, हटा ने प्राप्त किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्तों ने अभिषेक किया।

निःशुल्क भोज व मिठाई वितरण किया

राजू सेठ, छतरपुर द्वारा अपने बेटे पर्व जैन, ऐनी जैन की सगाई के उपलक्ष्य में भोजनशाला में भोजन निःशुल्क व्यवस्था रही। दोपहर में मिष्ठान वितरण भी किया गया। सायंकाल भक्तामर दीप अर्चना एवं पूज्य बड़े बाबा की संगीतमय महाआरती संपन्न हुई।

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