जगतपूज्य मुनिपुंगव सुधासागर महाराज द्वारा सृजित अतिशयकारी तीर्थ यशोदय पर धर्मप्रभावना में श्रावकजन भक्तिरस में डूबे नजर आ रहे हैं। प्रातःकाल बेला में मंगलाष्टक, शांति मंत्र, नित्यमह अभिषेक, शांतिधारा हुई। इस अवसर पर मुनि सुधासागर ने धर्मसभा को संबोधित किया। पढ़िए राजीव सिंघई की रिपोर्ट…
महरौनी (ललितपुर)। जगतपूज्य मुनिपुंगव सुधासागर महाराज द्वारा सृजित अतिशयकारी तीर्थ यशोदय पर धर्मप्रभावना में श्रावकजन भक्तिरस में डूबे नजर आ रहे हैं। प्रातःकाल बेला में मंगलाष्टक, शांति मंत्र, नित्यमह अभिषेक, शांतिधारा हुई। शांतिधारा करने का सौभाग्य संजीव राजीव सराफ, पवन मैगुंवा, ऋषभ भायजी और सुभाष साढूमल को प्राप्त हुआ।
भक्ति भाव से करें पुण्य का संचय
धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनिश्री सुधासागर महाराज ने कहा कि दान पुण्य का वह बीज है, जो धर्म क्षेत्र में बोने पर जन्म-जन्मांतर तक इसका फल देता है। यह ऐसा शेयर है जिसका रिटर्न हमेशा मिलता रहता है। अपने को जो प्रकृति द्वारा जो प्राप्त हुआ, उसको अपना अहोभाग्य मानो। उसका आभार करो कि आज मुझे कर्मों की वजह से सर्वश्रेष्ठ उच्च वंश में जन्म मिला। ये अहोभाग्य मानो। हमारी संसार में ऐसी स्थिति है कि जब भी हमारे अशुभ कर्म का उदय होता है तो हम हमेशा अपने माता-पिता को, अपने भगवान को, अपने परिवारजनों को कोसते रहते हैं और कहते हैं कि भगवान ये क्या कर दिया।
परंतु हमको जो भी प्राप्त है, उसके लिए अहोभाग्य मान हमेशा आभार मानना चाहिए। आज हम इस समवशरण में विधान कर रहे हैं। जिनेन्द्र भगवान की भक्ति कर रहे हैं तो इसमें प्रमाद न कर इसको बड़ी भक्ति भाव से पुण्य का संचय करें। अगर हम विधान नहीं कर पा रहे तो जो कर रहे हैं, उनकी अनुमोदना कर पुण्य संचय करें, उनकी बुराई कर दुर्गति का कर्म बंधन न करें।

इनको मिला सौभाग्य
सभी धार्मिक क्रियाएं ब्रह्मचारी प्रदीप भैया सुयश के दिशा-निर्देश में संपन्न हुईं। मुनिश्री सुधासागर महाराज को आहार देने का सौभाग्य प्रशांत जैन भोपाल एवं क्षुल्लक गम्भीर सागर को आहार देने का सौभाग्य खेमचंद बाजा को प्राप्त हुआ।
होगा शिलान्यास
यशोदय तीर्थ के अध्यक्ष राजा चौधरी ने बताया कि 8 अप्रैल को सुबह भव्य पाषाण मंदिर एवं चौबीस जिनालयों के शिलान्यास के साथ- साथ संतशाला, आहार शाला, यशोदय सुधासागर व्यायाम शाला, श्री सुधासागर औषधालय का शिलान्यास मुनिश्री सुधासागर महाराज के सानिध्य में होगा। दोपहर में गजरथ महोत्सव में गज रथ, स्वर्ण रथ एवं रजत रथ की परिक्रमा होगी।













Add Comment