अखिल भारतीय जैन पत्र संपादक संघ का दो दिवसीय अधिवेशन बुधवार को आगरा में रखा गया। आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज एवं आर्यिका ज्ञानमती माताजी के उपकारों को याद करते हुए देश भर से आए पत्रकारों ने अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर आचार्य श्री श्री विमल सागर जी महाराज की जन्मस्थली कोसमा के नेमिनाथ जिनालय का अवलोकन कर वात्सल्य धाम के निर्माण को सराहा। आगरा से पढ़िए, राहुल जैन की यह खबर…
आगरा। अखिल भारतीय जैन पत्र संपादक संघ का दो दिवसीय अधिवेशन बुधवार को आगरा में रखा गया। आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज एवं आर्यिका ज्ञानमती माताजी के उपकारों को याद करते हुए देश भर से आए पत्रकारों ने अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर आचार्य श्री विमलसागर जी महाराज की जन्मस्थली कोसमा के नेमिनाथ जिनालय का अवलोकन कर वात्सल्य धाम के निर्माण को सराहा। आचार्य गुरुवर 108 चैत्य सागर जी महाराज के ससंघ सान्निध्य में दीप प्रज्वलित कर अधिवेशन का शुभारंभ किया गया। डॉ जयंत कीर्ति, महामंत्री डॉ. अखिल बंसल , एडवोकेट अनूपचंद जैन, डॉ.ऋषभ चंद जैन, डॉ.सुशील कुरावली जयेंद्र जैन, डॉ.राजीव प्रचंडिया सहित 31 वक्ताओं ने अपने संस्मरण सुनाए और उनके उपदेशों को रेखांकित करते हुए अपने वक्तव्य से लाभान्वित किया।
आगंतुक अतिथियों का स्वागत और सम्मान के साथ ही विद्वत गोष्ठी के दोनों सत्र संपन्न हुए। अधिवेशन के मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद नवीन जैन ने अपने विचारों से संगठन को मजबूत करने और जैन समाज को दिशा देने व पत्रकारिता के क्षेत्र में जैन पत्रकारों की सत्य को उजागर करने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए श्री प्रदीप कुमार जैन पीएनसी ने अधिवेशन को संबोधित करते हुए 15 एवं 16 दिसंबर को आचार्य श्री विमल सागर जी महाराज की जन्मस्थली कोसमा में आचार्य श्री की पुण्यतिथि पर दो दिवसीय जैन पत्रकार महाकुंभ के आयोजन में पधारने का आह्वान किया। आचार्य श्री चैत्य सागर जी महाराज ने अखिल भारतीय जैन पत्र संपादक संघ के लिए अपना पूर्ण आशीर्वाद प्रदान करते हुए अधिक से अधिक पत्रकारों को आने हेतु प्रेरित किया। नव निर्वाचित अध्यक्ष जगदीश प्रसाद जैन, अनुज जैन क्रांति आगरा ने देशभर से आए सभी पत्रकार साथियों का स्वागत करते हुए सभी से एकजुट रहने के लिए आह्वान किया।













Add Comment