विश्व जैन संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय जैन के इंदौर आगमन पर सोमवार को अभिनव कला समाज सभागृह में भव्य स्वागत एवं अभिनंदन समारोह किया गया। इस समारोह में श्री नेमि गिरनार पदयात्रा एवं वंदना (2 जुलाई 2025) में सहयोग देने वाले सभी पुण्यार्जक समाज बंधुओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इंदौर से पढ़िए, यह खबर…
इंदौर। विश्व जैन संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय जैन के इंदौर आगमन पर सोमवार को अभिनव कला समाज सभागृह में भव्य स्वागत एवं अभिनंदन समारोह किया गया। इस समारोह में श्री नेमि गिरनार पदयात्रा एवं वंदना (2 जुलाई 2025) में सहयोग देने वाले सभी पुण्यार्जक समाज बंधुओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। विश्व जैन संगठन के प्रचारक एवं इंदौर शाखा अध्यक्ष मयंक जैन ने अपनी ओजस्वी वाणी में गिरनार यात्रा के अतुलनीय महत्व और जैन समाज की एकजुटता को दर्शाया और श्री नेमि गिरनार पदयात्रा की सफलताओं पर प्रकाश डाला। राजेश जैन दद्दू ने बताया कि इस यात्रा ने 25 हजार से अधिक जीवों को गिरनार जी की पांचवीं टोंक के अद्भुत दर्शन कराए। जिससे जैन सिद्धक्षेत्र के प्रति देशभर में करोड़ों लोगों में श्रद्धा और जागृति उत्पन्न हुई। यात्रा ने संपूर्ण भारत वर्षीय जैन समाज को भगवान नेमिनाथ के वीतरागता और अहिंसा के संदेश से जोड़ा और लाखों युवाओं को मोक्ष स्थली का ज्ञान कराया। इस अवसर पर
वरिष्ठ समाजसेवी नकुल पाटोदी ने आगे की रणनीति पर जोर देते हुए समाज को सतत सक्रिय रहने के लिए प्रेरित किया और युवाओं में जोश भरा। पूर्व डीएसपी डीके जैन ने समाज में व्याप्त विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए वृहद कार्ययोजना पर कार्य करने का आह्वान किया। वरिष्ठ निर्मल कासलीवाल ने समाजजन से नई पीढ़ी को धर्म और संस्कार से जोड़कर तैयार करने की आवश्यकता बताई। वरिष्ठ कैलाश वेद ने उपस्थित जनसमूह को धर्म के प्रति समर्पण और तीर्थों की रक्षा हेतु प्रेरित किया। दीपक दूगड़ ने समाज एकता पर जोर डाला। आनंद कासलीवाल और शाखा महामंत्री ओम पाटोदी ने भी अपने विचार व्यक्त कर कार्यक्रम को गरिमा प्रदान की। आभार राजेश दद्दू ने माना। राहुल जैन,एडवोकेट पारस जैन, आकाश जैन, महावीर सिंघई, राजीव जैन, अमित जैन, जयकुमार गोधा, जितेंद्र जैन, संजय जैन, अभय जैन, स्नेह जैन का भी सम्मान किया गया।
संकल्प और आगामी लक्ष्य
अध्यक्ष जैन ने आगामी नेमीनाथ मोक्ष कल्याणक (20 जुलाई 2026) के लिए एक ऐतिहासिक संकल्प की घोषणा की। जिसके तहत कम से कम 1 लाख नेमि भक्तों को गिरनार पर निर्वाण लाडू समर्पित करने के लिए एकत्रित होने का लक्ष्य रखा गया है। समारोह में उपस्थित सभी पुण्यार्जकों और विशेष सहयोगियों ने यह संकल्प लिया कि वे धर्म, संस्कृति और जैन समाज के चल-अचल तीर्थों की रक्षा के लिए सदैव समर्पित रहेंगे। यह कार्यक्रम जैन समाज की अदम्य एकता और समर्पण का प्रतीक बन गया।













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