श्री दिगंबर जैन मंदिर धर्मशाला प्रांगण, विज्ञान नगर में रविवार प्रातः 6:30 बजे सहस्त्रनाम अभिषेक एवं शांतिधारा के साथ भव्य धार्मिक अनुष्ठान का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में पूज्य गणिनी आर्यिका श्री विभाश्री माताजी का भव्य पिच्छिका परिवर्तन समारोह, चातुर्मास मंगल कलश आवंटन समारोह तथा चातुर्मास समापन समारोह का आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। पढ़िए पारस जान “पार्श्वमणि” की यह विशेष रिपोर्ट..
कोटा। श्री दिगंबर जैन मंदिर धर्मशाला प्रांगण, विज्ञान नगर में रविवार प्रातः 6:30 बजे सहस्त्रनाम अभिषेक एवं शांतिधारा के साथ भव्य धार्मिक अनुष्ठान का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में पूज्य गणिनी आर्यिका श्री विभाश्री माताजी का भव्य पिच्छिका परिवर्तन समारोह, चातुर्मास मंगल कलश आवंटन समारोह तथा चातुर्मास समापन समारोह का आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। गुरुमां विभाश्री माताजी एवं आर्यिका विनयश्री माताजी की नवीन पिच्छी भेट एवं पुरानी पिच्छी प्राप्त करने का सौभाग्य क्रमश: विनोद जैन टोरानी परिवार तथा मनोज जैसवाल परिवार को प्राप्त हुई। इस अवसर पर ‘रत्नत्रयवर्धिनी टीका पूर्वार्ध’ पुस्तक का विमोचन भी किया गया।
कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश जैन, गौरवाध्यक्ष राजमल पाटौदी, चातुर्मास समिति अध्यक्ष विनोद जैन टोरानी, कार्याध्यक्ष मनोज जैसवाल,ताराचंद बडला ने कहा कि कोटा ने पुनः सिद्ध किया है कि यह न केवल शिक्षा की नगरी है बल्कि धर्म और संस्कृति की भी पुण्यभूमि है। इस वर्ष कोटा में एक साथ दो-दो चातुर्मास का सफल आयोजन होना समाज की एकजुटता का प्रमाण है। उन्होने अपनी टीम के सहयोगियो का आभार प्रकट किया।
विभाश्री माताजी ने अपने प्रवचन में कहा कि “विज्ञान नगर जैन समाज की अखंडता, अनुशासन और धर्म के प्रति आस्था अद्वितीय है। इस चातुर्मास ने इतिहास रचा है। यहां की श्रद्धा और सहभागिता ने हर आयोजन को विराट रूप दिया है, जो मेरे गुरुदेव परम पूज्य आचार्य श्री 108 विराग सागर जी महाराज की कृपा और आशीर्वाद से संभव हुआ।”
माताजी ने अपने प्रवचन में कहा कि “मोरपंख की पिच्छी अत्यंत पवित्र और कोमल होती है। यह धूल-मिट्टी को ग्रहण नहीं करती तथा मोर स्वयं अपने पंखों को त्याग देता है, जिससे किसी भी जीव की हिंसा नहीं होती। इसीलिए दिगंबर जैन साधु-साध्वियाँ मोरपिच्छी को धारण करती हैं, जो जीव रक्षा का सर्वोत्तम प्रतीक है।”
इस अवसर पर वस्त्र भेंट का परम सौभाग्य श्रीमान मूलचंद जैन परिवार, बड़ा नया गाँव, विज्ञान नगर कोटा को प्राप्त हुआ।
शास्त्र भेंट का सौभाग्य वीतराग महिला मंडल, विज्ञान नगर कोटा को मिला।पादपक्षालन का सौभाग्य विमला, महेंद्र एवं अंजना जैन (सुभाष नगर) परिवार को प्राप्त हुआ।
श्री 1008 चन्द्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर समिति, रिद्धि सिद्धि नगर के पदाधिकारियों ने 28 अक्टूबर 2025 (मंगलवार) से 151 मण्डलीय अतिशयकारी महामण्डल विधान महोत्सव एवं कार्तिक अष्टानिका महापर्व तथा दिसंबर माह में शीतकालीन सत्र के लिए महावीर नगर विस्तार दि.जैन मंदिर के पदाधिकारियां ने गुरूमां को श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
कार्यक्रम में सकल जैन समाज के सरंक्षक राजमल पाटौदी,विमल जैन नांता,अध्यक्ष प्रकाश बज,महामंत्री अनिल ठौरा,मुख्य संयोजक रितेश सेठी, राजेश सेठिया, ताराचंद बडला, अमित जैन ‘चीकू’, हेमंत जैन, सचिन सेठी, आयुष जैन, सुनील जैन, विपुल गोधा, सिद्धार्थ जैन, पवन सेठी, विकास ठोरा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं समाजजन उपस्थित रहे।कार्यक्रम का संचालन पी.के. हरसोरा ने किया।













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