परम पूज्य विज्ञान मति माताजी का नौगामा नगर में बड़े हर्ष उल्लास के साथ भव्य मंगल प्रवेश हुआ। वर्षा की भीनी भीनी फुहारों के बीच बैंड-बाजों के साथ विशाल जैन समूह के साथ हाथों में पचरंगी झंडों के साथ मंगल कलश के साथ माताजी की अगवानी की गई। उधर जोलाना नगर से तीन माता जी का संघ का मंगल प्रवेश हुआ। पढ़िए सुरेश चंद्र गांधी की रिपोर्ट…
नौगामा। परम पूज्य विज्ञान मति माताजी का नौगामा नगर में बड़े हर्ष उल्लास के साथ भव्य मंगल प्रवेश हुआ। वर्षा की भीनी भीनी फुहारों के बीच बैंड-बाजों के साथ विशाल जैन समूह के साथ हाथों में पचरंगी झंडों के साथ मंगल कलश के साथ माताजी की अगवानी की गई। उधर जोलाना नगर से तीन माता जी का संघ का मंगल प्रवेश हुआ। सभी माता जी का मिलन 1008 भगवान महावीर समवशरण मंदिर परिसर में हुआ। वर्षा की फुहार के साथ जयकारों की सात नगर की गलियां गुंजायमान हो रही थीं। सभी माताजी संघ सहित वागड़ के बड़े बाबा आदिनाथ एवं नेमिनाथ की विशाल प्रतिमाओं के दर्शन कर अभिभूत हुए। माताजी द्वारा सभी श्रद्धालुओं मंगल आशीर्वाद प्रदान किया गया।
माता जी द्वारा सुखोदय तीर्थ सम्मेद शिखर की वंदना की गई और नवनिर्माण अधीन 1008 मुनि सुव्रतनाथ भगवान का निर्माणधिन जिनालय शीघ्र पूर्ण हो, ऐसा आशीर्वाद प्रदान किया। सभी टोक की वंदना की नोगामा नगर के धर्म प्रेमी बंधुओं द्वारा माताजी को चातुर्मास हेतु श्रीफल भेंट किया। इस अवसर पर विधानाचार्य रमेश चंद्र गांधी ने बताया कि 24 जून को आदिनाथ विधान का आयोजन माता जी के सानिध्य में होगा। प्रातः आदिनाथ मंदिर में माता जी के सानिध्य में भी विशेष शांति धारा अभिषेक किया गया। अभिषेक करने का प्रथम सौभाग्य पिंडारमिया ललित सुखलाल, पिंडारमियां रतनलाल मीठालाल को प्राप्त हुआ।













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