भोपाल के संस्कार उपवन में जैन इन्फिनिटी और गुणायतन के तत्वावधान में दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला सम्पन्न हुई। इसमें भारत सहित विदेशों से शिक्षाविद और मुनिभक्त शामिल हुए। मुनि प्रमाण सागर ने कहा कि बड़े उद्देश्य को पाने के लिए हमें निरंतर आगे बढ़ते रहना चाहिए। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…
भोपाल (संस्कार उपवन)। विगत दो दिनों से राजधानी भोपाल के संस्कार उपवन में ‘विद्याप्रमाण गुरुकुलम्’ के विस्तार हेतु जैन इन्फिनिटी और गुणायतन द्वारा राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें देशभर और विदेशों से शिक्षाविद, गुणायतन पदाधिकारी और मुनिभक्तों ने भाग लिया।
संत शिरोमणि आचार्य गुरुदेव विद्यासागर जी महामुनिराज के आशीर्वाद से मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज ने बताया कि विद्याप्रमाण गुरुकुलम् एक बड़े उद्देश्य की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा– “जब हम किसी बड़े लक्ष्य के लिए चलना शुरू करते हैं तो राह की कठिनाइयाँ महत्वहीन हो जाती हैं, केवल उद्देश्य ही हमारे सामने रहता है।”
गुरुकुलम् की स्थापना वर्ष 2025 में श्री विद्यासागर प्रवधकीय संस्थान, भोपाल में गुणायतन के सहयोग से की गई थी। लगभग 1600 बच्चों में से 180 का चयन कर उन्हें आवास, भोजन और संस्कार की व्यवस्था गुरुकुल में की गई है। शिक्षा की जिम्मेदारी ‘सैज इंटरनेशनल’ द्वारा संभाली जा रही है।
इस कार्यशाला में मुनि श्री प्रमाण सागर ने कहा कि “यह केवल मंगलाचरण है, अभी हमें और व्यापक स्तर पर नीतियों का निर्धारण और क्रियान्वयन करना होगा।” उन्होंने शिकागो से आए डॉ. दीपक जैन और उनकी टीम को विशेष रूप से सराहा और आगे की दिशा में मार्गदर्शन देने का आग्रह किया
गुरुजी के सपनों को साकार कर देश का आइकॉन बनना
प्रवक्ता अविनाश जैन ने बताया कि सभी अतिथियों ने बच्चों की पढ़ाई, आवास और भोजन व्यवस्था का निरीक्षण किया। बच्चों ने एक स्वर में कहा– “हमें गुरुजी के सपनों को साकार कर देश का आइकॉन बनना है।” यह सुनकर सभी अतिथिगण अत्यंत प्रसन्न हुए।कार्यक्रम में गुणायतन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद काला, अध्यक्ष विनीत गोधा, महामंत्री अनुभव सराफ, संस्कार उपवन के अनुपम पंडित, कार्याध्यक्ष एन.सी. जैन सहित देशभर से आए संरक्षक, ट्रस्टी और समाजजन उपस्थित रहे। सभी अतिथियों का आभार विद्याप्रमाण गुरुकुलम् की ओर से रचना पारिख ने व्यक्त किया।













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