सूंथड़ा तीर्थ से प्रेरित श्रद्धालुओं द्वारा गठित अखिल भारतवर्षीय वीतराग जिनशासन प्रभावना संगठन को अशोकनगर में मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी महाराज के साक्षात आशीर्वाद प्राप्त हुआ। संगठन का उद्देश्य तीर्थों और जिनालयों की सुरक्षा व सेवा को बढ़ावा देना है। पढ़िए मनोज जैन नायक की रिपोर्ट…
सूंथड़ा स्थित सुखोदय अतिशय तीर्थ क्षेत्र के दर्शन के पश्चात जब श्रद्धालुओं में तीर्थों और जिनालयों की सेवा-सुरक्षा का भाव जागृत हुआ, तब अखिल भारतवर्षीय वीतराग जिनशासन प्रभावना संगठन की स्थापना का विचार आकार लिया। संगठन के अध्यक्ष डॉ. हरिश्चंद्र शास्त्री और महामंत्री प्रतीक शास्त्री (नोएडा) ने बताया कि संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों को अशोकनगर में विराजमान परम पूज्य मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी महाराज के साक्षात दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिला।
इस अवसर पर संगठन के कोषाध्यक्ष प्रिंस शास्त्री (देवांश, फिरोजाबाद), नाथूलाल जैन, लौकेश जैन (बनेठा) सहित अन्य सदस्यों ने मुनिश्री से संगठन के उद्देश्यों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने बताया कि तीर्थों की सेवा, सुरक्षा और संवर्धन के लिए संगठन राष्ट्रव्यापी स्तर पर प्रभावना कार्य करेगा।
कार्यक्रम के दौरान प्रिंस शास्त्री (फिरोजाबाद) को लोकप्रिय धार्मिक कार्यक्रम ‘जिज्ञासा समाधान’ में परम पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
ऋषभ शास्त्री आकाश (फिरोजाबाद) और गजेंद्र शास्त्री (छतरपुर) ने बताया कि संगठन के सदस्यों ने कार्यक्रम में अपनी जिज्ञासाएँ प्रस्तुत कीं, जिनका समाधान स्वयं मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी महाराज ने किया। उन्होंने हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में संगठन के भावी कार्यों हेतु मंगल आशीर्वाद दिया।
पूरे आयोजन में श्रद्धा, भक्ति और संगठन के प्रति समर्पण की भावना स्पष्ट रूप से झलक रही थी। यह आयोजन वीतराग जिनशासन की प्रभावना और तीर्थ सुरक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।













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