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वेदिका शुद्धिकरण कार्यक्रम के दूसरे दिन याग मंडल विधान का आयोजन

मूलनायक 1008 पारसनाथ भगवान की प्रतिमा पर अभिषेक

न्यूज़ सौजन्य- राजकुमार अजमेरा

झुमरीतिलैया (कोडरमा)। सोमवार 8 अगस्त को वेदिका शुद्धिकरण कार्यक्रम के दूसरे दिन याग मंडल विधान का आयोजन हुआ। सबसे पहले प्रातः जैन मंदिर के मूलनायक 1008 पारसनाथ भगवान की प्रतिमा पर अभिषेक किया गया। इसके पश्चात परम पूज्य गणाचार्य श्री 108 विराग सागर जी महामुनिराज के परम प्रभावक शिष्य मुनि श्री 108 विशल्य सागर जी मुनिराज के मुखारविन्द से शांतिधारा मंत्रोचार किया गया। मूल वेदी में शांतिधारा करने का सौभाग्य हरक चंद अशोक,अनिल पाटोदी को प्राप्त हुआ। साथ ही छोटी प्रतिमा का भी अभिषेक शांतिधारा समाज के पदाधिकारियों एवं गण्यमान्य लोगों द्वारा किया गया।

देवाधिदेव 1008 श्री पारसनाथ भगवान की प्रतिमा का मंगल विहार का सौभाग्य प्रदीप मोहित सोगानी को प्राप्त हुआ। श्री जी को मंगल विहार कर सरस्वती भवन विराजमान किया गया। समाज की सैकड़ों महिलाओं ने हाथों में मेहंदी लगाकर केसरिया साड़ी में भगवान की भक्ति आराधना की। इस विधान में लगभग 250 अर्घ्य विश्व शांति मंत्रों के साथ भगवान को समर्पित किए गए।

इस धर्म आयोजन में अपनी अमृतवाणी मैं पूज्य मुनि विशसल्य सागर गुरुदेव ने कहा कि, वेदिका शुद्धीकरण का यह कार्यक्रम लघु पंचकल्याणक का रूप है। समाज के सभी लोग इस महा पुण्यकार्य में श्रद्धा और भक्ति से जुड़े, भक्तजनों के द्वारा श्रद्धा और भक्ति से किया गया कार्य उनके लिए बहुत ही फलदायी साबित होगा। यह विधान केवल पंचकल्याणक ओर वेदी प्रतिष्ठा में ही होता है। इस विधान में सिद्ध परमेष्टि ओर सभी भगवन के कल्याणक की पूजा होती है। ये अनेक गुणा पुण्य अर्जित करने वाला विधान है।

इस विशेष अवसर पर मंदिर जीणोंद्धार कमेटी के संयोजक सुरेश झांझरी, सुशील छाबड़ा ने कहा कि कल पुरानी वेदी से सभी भगवान को नए वेदी पर गाजे बाजे के साथ विराजमान किया गया। विशेष रूप से समाज के मंत्री ललित सेठी,सह मंत्री राज छाबड़ा, महिला समाज की अध्यक्षा नीलम सेठी,मंत्राणी आशा गंगवाल,चातुर्मास संयोजक सुरेन्द जैन काला, संगीत सम्राट सुबोध गंगवाल आदि समाज के सेकड़ों लोग सभी कार्यक्रमों में शामिल हुए। मीडिया प्रभारी राज कुमार अजमेरा,नवीन जैन आदि भी मौजूद रहे।

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