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वसंत पंचमी एवं सरस्वती जयंती 23 को : इस दिन शिक्षा और कला से जुड़े नए कार्य शुरू करना शुभ 


वसंत पंचमी एवं सरस्वती जयंती रवि योग में शुक्रवार 23 जनवरी को मनाई जाएगी। सरस्वती पूजा का श्रेष्ठ मुहूर्त सुबह 9.53 से 11.13 बजे तक और सामान्य मुहूर्त 7.15 से दोपहर 12.50 बजे तक रहेगा, जो ज्ञान और कला के लिए शुभ है। मुरैना से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर…


मुरैना। वसंत पंचमी एवं सरस्वती जयंती रवि योग में शुक्रवार 23 जनवरी को मनाई जाएगी। वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य डॉ हुकुमचंद जैन ने बताया कि इस बार वसंत पंचमी एवं सरस्वती जयंती पूजन 23 जनवरी शुक्रवार को मनाई जाएगी क्योंकि, माघ शुक्ल पंचमी तिथि 23 जनवरी की सुबह 2.28 बजे शुरू होकर 24 जनवरी की सुबह 1.46 बजे समाप्त होगी। इसलिए उदया तिथि के अनुसार 23 जनवरी को यह पर्व मनाया जाएगा। जिसमें सरस्वती पूजा का श्रेष्ठ मुहूर्त सुबह 9.53 से 11.13 बजे तक और सामान्य मुहूर्त 7.15 से दोपहर 12.50 बजे तक रहेगा, जो ज्ञान और कला के लिए शुभ है।

पीले वस्त्र पहनना और पीले फूल अर्पित करना शुभ 

जैन ने कहा कि शुक्र ग्रह अस्त होने के कारण इस दिन विवाह, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य वर्जित रहेंगे क्योंकि, शुक्र तारा अस्त कालांश में विवाह, गृह प्रवेश आदि शुभ कार्य नहीं करना चाहिए हालांकि, परंपरागत सामाजिक जीवन में इस दिन को भी अबूझ मुहूर्त मानकर लोग सामूहिक विवाह आयोजन, नवीन गृह प्रवेश, मुंडन आदि मुहूर्त कर सकते हैं। यह दिन ज्ञान, संगीत और कला की देवी सरस्वती को समर्पित है। अबूझ मुहूर्त होने के कारण इस दिन शिक्षा और कला से जुड़े नए कार्य शुरू करना शुभ माना जाता है। इस दिन पीले वस्त्र पहनना और पीले फूल अर्पित करना शुभ होता है, जो वसंत और सकारात्मकता का प्रतीक है। इस दिन जिन बच्चों को देर से याद होता है जो पढ़ने में कमजोर है, उन्हें सरस्वती पूजन कर के पीले चावल केशर युक्त भात ग्रहण करके बाद में भोजन करना चाहिए। हर साल ऐसा करते रहने से विद्या में सफलता मिलती है।

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