सनावद में विराजित युगल मुनिराजों के वर्षायोग की शुरुआत 27 जुलाई को प्रातः 7:30 बजे सर्वार्थ सिद्धि योग में मंगल कलश स्थापना के साथ होगी। इससे पूर्व संत भवन में मुनिश्री साध्य सागर जी महाराज ने जीवन के मूल तत्वों पर आधारित आध्यात्मिक प्रवचन दिए। वहीं, दोपहर 2:30 बजे मूलनायक भगवान पार्श्वनाथ महामंत्र जाप अनुष्ठान का आयोजन होगा। सनावद से सन्मति जैन की पढ़िए…. विस्तृत खबर…
सनावद। नगर में विराजित युगल मुनिराज मुनि श्री साध्य सागर जी महाराज एवं मुनि श्री विश्व सूर्य सागर जी महाराज के वर्षायोग का शुभारंभ 27 जुलाई को प्रातः 7:30 बजे सर्वार्थ सिद्धि योग में बड़े मंदिर जी में मंगल कलश स्थापना के साथ होगा। इस शुभ अवसर पर नगर के सौभाग्यशाली परिवारों द्वारा कलश स्थापना कर पुण्य संचय किया जाएगा।
धर्मसभा के दौरान संत भवन में मुनिश्री साध्य सागर जी महाराज ने श्रावकों को संबोधित करते हुए कहा कि – “जीव जब तक हेय और उपादेय तत्वों का यथार्थ विवेक नहीं करता, तब तक वह संसार के भ्रम में उलझा रहता है।” उन्होंने पंच महाव्रत, अणुव्रत, संयम और मोक्ष मार्ग के महत्व को विस्तार से समझाया और कहा कि “श्रावक भी एकदेश निर्जरा करते हुए मोक्ष की भावना रख सकता है।”
*वृद्धावस्था में उपेक्षा करना सबसे बड़ा पाप*
मुनिश्री ने वर्तमान युग में माता-पिता के प्रति उपेक्षा की मानसिकता पर भी चिंता व्यक्त की और कहा कि – “जो माता-पिता ने हमें धर्म पथ दिखाया, उनके वृद्धावस्था में उपेक्षा करना सबसे बड़ा पाप है। जो इस भव में मुनिराजों के मंच सजाता है, वह अगले भव में समवशरण सजा सकता है।”
*जाप अनुष्ठान और भक्ति कार्यक्रम भी होंगे*
27 जुलाई की दोपहर 2:30 बजे से संत भवन में मूलनायक भगवान पार्श्वनाथ महामंत्र जाप अनुष्ठान का आयोजन किया जाएगा। इस विशेष अनुष्ठान में मुनिराजों के सानिध्य में भक्तगण भक्तिभाव से मंत्रोच्चारण करते हुए पुण्य अर्जित करेंगे। सन्मति जैन काका ने बताया कि वर्षायोग के इस महत्वपूर्ण अवसर पर नगरवासियों में विशेष उत्साह है और आयोजन की तैयारियाँ पूर्ण गति से चल रही हैं।













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