वैश्य महासम्मेलन मप्र की जिला इकाई भिंड द्वारा 2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर वैश्य एकता रैली का आयोजन किया जा रहा है। रैली सुबह 9 बजे शास्त्री चौराहा से आरंभ होगी। भिंड से पढ़िए, सोनल जैन की यह खबर…
भिंड। वर्तमान परिवेश में देश में सभी जाति समुदाय अपने-अपने सामाजिक हितों की सुरक्षा के लिए एकजुट होकर संगठित हो रहे हैं एवं संगठन के बल पर ही न केवल शासन-प्रशासन बल्कि अन्य प्रकार से अपने आर्थिक राजनैतिक हितों की रक्षा कर रहे हैं। मात्र वैश्य समुदाय ही एकमात्र ऐसा समुदाय है, जो अपने व्यक्तिगत आर्थिक हितों को तो महत्व देता है किन्तु, समाज हित की कोई चिंता उसे नहीं होती है। फल स्वरूप इसी कमजोरी का शिकार होकर यह अन्य जातियों, समूहोें के उत्पीड़न को सहन करने के लिए बाध्य होता है। साथियों वैश्य समाज को इस कमजोरी को दूर करने एवं संगठित होने के लिए दृढ़ संकल्पित होना होगा। तभी हम सभी आर्थिक, सामाजिक व राजनैतिक रूप से पूर्णरूपेण संरक्षित हो सकेंगे।
वैश्य महासम्मेलन के गठन का उद्देश्य ही जैन, अग्रवाल, गहोई, पोरवाल, ओसवान, कायस्थ, स्वर्णकार, साहू, चौरसिया, राठौर भादि वैश्य समुदाय की विभिन्न जातियों में बंटे समूह को एक मंच पर लाकर उनमें एकता का भाव जागृत कर संगठित करने और एक-दूसरे की कठिनाइयों तथा परेशानियों में उनका सभी प्रकार से सहयोग करने का रहा है एवं सभी को मिलकर उसके उद्देश्य को सफल बनाना है।
वैश्य महासम्मेलन मप्र की जिला इकाई भिंड द्वारा 2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर वैश्य एकता रैली का आयोजन किया जा रहा है। रैली सुबह 9 बजे शास्त्री चौराहा से शास्त्री जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद मोटर साइकिल, स्कूटर रैली के रूप में प्रारंभ होकर गांधी मार्केट में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के उपरांत संपन्न होगी। वैश्य समुदाय के समस्त सम्माननीय सदस्यों, जो चलने-फिरने में समर्थ हैं। खासकर युवाओं से अनुरोध है कि वह अपने-अपने दो पहिया वाहन लेकर 2 अक्टूबर सुबह 8.30 बजे शास्त्री चौराहे पर उपस्थित रहें। अपने साथ एक-एक बुजुर्ग को बैठालकर अवश्य लाएं तथा वैश्य समता रैली को सफल बनाकर अपना अमूल्य सहयोग प्रदान करें।













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