आगरा के शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर, सेक्टर 7 आवास विकास कालोनी सिकंदरा में पर्युषण महापर्व के अवसर पर आठवें दिन उत्तम त्याग धर्म का आयोजन हुआ। पंडित अंशुल जैन शास्त्री ने मुनियों के दान और अभयदान की महत्ता बताई। कार्यक्रम में अभिषेक, शांतिधारा, सामूहिक आरती, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और समाजजनों की सहभागिता रही। पढ़िए राहुल जैन की खास रिपोर्ट…
आगरा, 4 सितम्बर। शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर, आवास विकास कालोनी, सिकंदरा में पर्युषण महापर्व के अंतर्गत आठवें दिन उत्तम त्याग धर्म का आयोजन बड़ी श्रद्धा और भक्ति भाव से किया गया। श्री अंशुल जैन शास्त्री (मथुरा) के निर्देशन में विधिविधान से पूजा अर्चना सम्पन्न हुई। सर्वप्रथम मूलनायक भगवान श्री शांतिनाथ जी का स्वर्ण कलश से अभिषेक किया गया, तत्पश्चात इन्द्रों द्वारा रजत मुकुट, माला और झारियों से शांतिधारा की गई। इसके उपरांत सामूहिक आरती और संगीतमय पूजन से वातावरण भक्तिमय बना।
गृहस्थों के दान से भी श्रेष्ठ माना
पंडित अंशुल जैन शास्त्री ने प्रवचन में बताया कि मुनिराज स्वयं भी दान करते हैं और उनका दान गृहस्थों के दान से भी श्रेष्ठ माना जाता है। वे अहिंसा महाव्रत धारण कर सब जीवों को अभयदान देते हैं। उनकी शांति का प्रभाव जीवों को हिंसा छोड़ने के लिए प्रेरित करता है। उदाहरण स्वरूप श्रेणिक राजा द्वारा भेजे गए कुत्ते भी यशोधर मुनि के समीप पहुँचकर शांत हो गए थे। मुनिराज आत्मज्ञान, पुण्य-पाप और मोक्षमार्ग का बोध कराकर सभी को वास्तविक दान प्रदान करते हैं।
शांतिनाथ महिला मंडल द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं, जिनसे श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। इस अवसर पर राजेश बैनाड़ा, विजय जैन, महेश चंद जैन सहित मंदिर प्रबंध कमेटी के अनेक सदस्य उपस्थित रहे। मीडिया प्रभारी राहुल जैन ने बताया कि 5 सितम्बर को उत्तम आकिंचन्य धर्म का आयोजन प्रातः 8 बजे से पूजन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ होगा।













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