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पर्युषण महापर्व के पांचवें दिन उत्तम सत्यधर्म हुए कार्यक्रम: धामनोद में समाज के श्रावक-श्राविका कर रहे हैं उपवास


नगर और प्राचीन मंदिर बिखरोन में पर्युषण महापर्व के अवसर पर दश लक्षण धर्म के पांचवे दिन जैन मंदिर में अभिषेक, शांतिधारा की गई। मंदिर में प्रतिदिन भक्तों की संख्या में बढ़ती जा रही है। यहां सुबह भगवान के अभिषेक करने के लिए श्रद्धालुओं में अपार श्रद्धा देखी जा रही है। धामनोद से पढ़िए, यह खबर…


धामनोद। नगर और प्राचीन मंदिर बिखरोन में पर्युषण महापर्व के अवसर पर दश लक्षण धर्म के पांचवे दिन जैन मंदिर में अभिषेक, शांतिधारा की गई। मंदिर में प्रतिदिन भक्तों की संख्या में बढ़ती जा रही है। यहां सुबह भगवान के अभिषेक करने के लिए श्रद्धालुओं में अपार श्रद्धा देखी जा रही है। अभिषेक और शांतिधारा नीचे दो बार हो रही है और ऊपर भी अस्थाई रूप से श्रावक-श्राविकाएं पूजन कर रहे हैं। यहां भी श्री शांतिनाथ भगवान की प्रतिमा विराजमान की है। यहां भी अभिषेक और शांतिधारा हो रही है। प्राचीन मंदिर में श्री पार्श्वनाथ की चतुर्थ काल की पार्श्वनाथ की प्रतिमा मूलनायक की है। वहां भी नित्य अभिषेक और शांतिधारा तथा दशलक्षण धर्म की पूजा श्रावक श्राविकाएं कर रहे हैं। सोमवार को मुनिसेवा समिति की टीम ने भी अभिषेक और शांतिधारा कर पूजन किया। नगर के श्री पार्श्वनाथ मंदिर में भी अभिषेक और शांतिधारा के अलावा महापूजन दशलक्षण धर्म पर हो रहा है। सोमवार को शांतिधारा के सहयोगी सोमा राजेंद्र जैन, डॉ. सुरेखा प्रकाश कियावत, अंतिम, धीरेंद्र जैन इंद्र बनकर पुण्य का लाभ लिया।

धर्म की राजनीति करने वाले की हर चेहरे धुंधले हैं

आचार्य विशुद्ध सागरजी के शिष्य पंडित यश जैन और पंडित अंशुल भैया के मुखारबिंद से सोमवार को उत्तम सत्य धर्म पर विशेष प्रवचन हुए। पंडित अंशु भैया ने कहा कि मिल तो सबसे लेता है लेकिन मिलता किसी में नहीं। धर्म कहता है कि माया से मुक्त होकर जिओ। चल कपट करने वाले जीव को भगवान बनने का सुख नहीं मिलता। वह सोचता है कि राम राम जपना पराया माल अपना। वक्त पड़े तो गधे को कहे काका। रघुपति राघव राजा राम जैसा मौका वैसा काम, गंगा गए तो गंगा दास जमुना गए तो जमुना दास ऐसी नीति कुटिल नीति वक्र नीति वालों के भीतर धर्म नहीं ठहर सकता है। आज दिल्ली की राजनीति से ज्यादा गंदी धर्म की राजनीति हो गई है। कुछ तथाकथित लोग धर्म और धर्म गुरुओं को लेकर धर्म में राजनीति का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिया है मूल तो ज्योति का है। ऐसे नकली धर्मात्माओं से बचाना अन्यथा बंदर के हाथ में चाकू जैसा हाल होगा। उन्होने कहा कि धर्म की राजनीति करने वाले की हर चेहरे धुंधले हैं। कहीं कुछ भी स्पष्ट नहीं है। सत्यता ही जीवन में समुद्र को भी पार कर सकता है वरना जीवन कभी भी पार नहीं हो सकेगा। सच्चा धर्म व सच्ची सत्यता से। सत्य धर्म भी चारित्र में प्राप्त होगा। अन्यथा 84 लाख योनि में जीव भटकता रहेगा।

मुनिसेवा समिति के सहयोग से जुलूस निकाला जाएगा

मंदिर में विशेष पूजन के सहयोगी बने समाज अध्यक्ष महेश जैन, सचिन जैनए शाम को सामूहिक भगवान की स्तुति और श्रीजी आरती की गई। शाम को विद्वानों के प्रवचन हुए और समाज की अंकिता सचिन जैन ने अहम योग भी कराया। इस दौरान दोनों मंदिरों की भव्य सजावट रोशनी से की गई। मंगलवार को धूप दशमी पर प्राचीन जैन मंदिर बिखरोन में दोपहर 3 बजे समाजजनों की उपस्थिति में भव्य जुलूस निकाला जाएगा और सामूहिक धूप मंदिर में चढ़ाई जाएगी। यह जानकारी राकेश जैन, अजय जैन, नीलेश जैन, धीरेंद्र जैन, मुकेश पंधानिया और वनय जैन ने दी। मुनिसेवा समिति के सहयोग से जुलूस निकाला जाएगा। सोमवार को प्रणीति शैलेंद्र जैन का पांचवां उपवास है।

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