नौगामा में उत्तम संयम धर्म व सुगंध दशमी पर्व बड़े उत्साह और श्रद्धा से मनाया गया। दिनभर हुए धार्मिक अनुष्ठानों में शांति धारा, तत्वार्थ सूत्र पाठ, शोभा यात्रा और जिनवाणी संरक्षण की पहल प्रमुख रही। पढ़िए सुरेश चन्द्र गांधी की खास रिपोर्ट…
नौगामा जैन समाज ने आज उत्तम संयम धर्म और सुगंध दशमी पर्व बड़े हर्ष उल्लास और भक्ति भाव से मनाया। सुबह आदिनाथ मंदिर और नसिया जी में विशेष शांति धारा एवं अभिषेक का आयोजन हुआ, जिसमें श्रुत धाम मध्यप्रदेश से पधारे सुनील भैया और विधानाचार्य रमेश चंद्र गांधी के सान्निध्य में प्रथम अभिषेक करने का सौभाग्य समाजजनों को प्राप्त हुआ। पूजन के उपरांत तत्वार्थ सूत्र का वाचन किया गया। दोपहर बाद आदिनाथ मंदिर से निकली शोभायात्रा में पुरुष सफेद वस्त्रों में, महिलाएं केसरिया वस्त्रों में और बालक-बालिकाएं पंचरंगी परिधानों में धर्म ध्वजा लेकर शामिल हुए। बैंड-बाजों की मधुर धुनों के साथ निकली शोभायात्रा महावीर समवशरण मंदिर पहुंची, जहां भैया जी के सान्निध्य में सुगंध दशमी का मंत्रोच्चार कर धूप अर्पित की गई।
विद्या से विद्यासागर नामक नाटक का मंचन
इस अवसर पर मंदिर में नई दान पेटी का स्वास्तिक लगाकर शुभारंभ किया गया। शोभायात्रा के उपरांत पांडाल में ताड़पत्र, ताम्रपत्र और स्वर्णपत्र पर लिखी जिनवाणी को उच्च सिंहासन पर विराजमान किया गया। भैया जी ने बताया कि यह हस्तलिखित ग्रंथ 400 वर्ष पूर्व के हैं, जिन्हें श्रुत धाम में सुरक्षित रखा गया है। सायंकाल भक्तांबर के 48 दीप प्रज्वलित किए गए जिनका सौभाग्य राजेंद्र प्रकाश को प्राप्त हुआ। प्रश्न मंच के बाद भैया जी ने उत्तम संयम धर्म की महिमा पर प्रवचन दिया और जिनवाणी संरक्षण हेतु बालिका मंडल का गठन भी किया। कार्यक्रम में विद्या से विद्यासागर नामक नाटक का मंचन मनीषा नानावटी के निर्देशन में हुआ। इस दौरान जैन समाज के महिला-पुरुष, युवक-युवतियों और बच्चों ने पूरे दिन भक्ति भाव से सहभागिता की। कार्यक्रम का संचालन प्रवक्ता सुरेश चंद्र गांधी ने किया।













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