राकेश जैन ने गौशाला के लिए सहयोग स्वरूप 1100 अमेरिकी डॉलर (लगभग एक लाख रुपये) के भूसे की व्यवस्था कराने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह सहयोग राशि शीघ्र ही गौशाला को प्रदान की जाएगी। अंबाह से पढ़िए, यह अजय जैन की खबर…
अंबाह। श्री छत्रपाली हनुमान जी विकलांग गौशाला, परेड अंबाह में लंबे समय से विकलांग, घायल और असहाय गौवंश की सेवा का कार्य निरंतर किया जा रहा है। समाजसेवियों और गौभक्तों के सहयोग से संचालित इस गौशाला में सड़क दुर्घटनाओं या बीमारी के कारण चलने-फिरने में असमर्थ हो चुकी गायों की देखभाल की जाती है। होली के अवसर पर अपने पैतृक नगर अंबाह आए अमेरिका निवासी राकेश जैन ने गौशाला पहुंचकर यहां चल रही गौसेवा को नजदीक से देखा और सराहना की। परेड चौराहा निवासी एवं वर्तमान में अमेरिका में रह रहे राकेश जैन होली पर्व मनाने के लिए अपने घर अंबाह आए हुए थे। इस दौरान वे श्री छत्रपाली हनुमान जी विकलांग गौशाला पहुंचे और वहां मौजूद विकलांग तथा घायल गायों की स्थिति देखी।

उन्होंने गौसेवकों से गौशाला की व्यवस्थाओं और यहां चल रहे सेवा कार्यों की जानकारी भी ली। गौसेवक गोविंद सिकरवार ने बताया कि इस गौशाला में उन गायों को लाकर रखा जाता है जो दुर्घटनाओं या अन्य कारणों से घायल अथवा विकलांग हो जाती हैं और सड़कों पर भटकने के लिए मजबूर हो जाती हैं। ऐसी गायों का यहां उपचार कराया जाता है तथा उनके रहने और भोजन की व्यवस्था की जाती है। उन्होंने बताया कि गौशाला में गौसेवा का यह कार्य समाज के लोगों और गौभक्तों के सहयोग से ही संचालित होता है। अनिल कुमार जैन खरगोला ने राकेश जैन को यहां की व्यवस्थाओं और आवश्यकताओं के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि गौशाला में प्रतिदिन बड़ी मात्रा में चारा, भूसा और अन्य सामग्री की जरूरत होती है, जिसके लिए समाज के लोगों का सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है। वहीं गौसेवक चमकन लाल ओझा ने भी गौशाला में चल रहे सेवा कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि यहां घायल और असहाय गौवंश की सेवा पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ की जा रही है।
सराहनीय और प्रेरणादायक कार्य बताया
गौशाला में चल रही सेवा गतिविधियों को देखकर राकेश जैन काफी प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि गौसेवा भारतीय संस्कृति और परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है और समाज के प्रत्येक व्यक्ति को इस दिशा में सहयोग करना चाहिए। उन्होंने गौशाला में विकलांग और असहाय गौवंश की सेवा को अत्यंत सराहनीय और प्रेरणादायक कार्य बताया। इस अवसर पर राकेश जैन ने गौशाला के लिए सहयोग स्वरूप 1100 अमेरिकी डॉलर (लगभग एक लाख रुपये) के भूसे की व्यवस्था कराने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह सहयोग राशि शीघ्र ही गौशाला को प्रदान की जाएगी, जिससे यहां रह रही गायों के लिए भूसे और चारे की पर्याप्त व्यवस्था हो सके।
राकेश जैन का आभार माना
गौशाला समिति के सदस्यों और गौसेवकों ने राकेश जैन के इस सहयोग के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समाज के लोगों के सहयोग से ही इस प्रकार के सेवा कार्य निरंतर चलते रहते हैं और गौवंश की सेवा संभव हो पाती है। स्थानीय नागरिकों ने भी राकेश जैन के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज में गौसेवा के प्रति जागरूकता बढ़ाते हैं और अन्य लोगों को भी सहयोग के लिए प्रेरित करते हैं।













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