जैन धर्म के प्रवर्तक एवं प्रथम तीर्थकर भगवान ऋषभदेव (आदिनाथ) के जन्म-तप कल्याणक पर 12 मार्च को राजस्थान में अनूठी पहल देखने को मिलेगी। जयपुर से पढ़िए, यह खबर…
जयपुर। जैन धर्म के प्रवर्तक एवं प्रथम तीर्थकर भगवान ऋषभदेव (आदिनाथ) के जन्म-तप कल्याणक पर 12 मार्च को राजस्थान में अनूठी पहल देखने को मिलेगी। राजस्थान मदरसा बोर्ड की ओर से राज्यभर के मदरसों, अल्पसंख्यक छात्रावासों, आवासीय विद्यालयों और अल्पसंख्यक दर्जा प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों में भगवान ऋषभदेव के जीवन और उपदेशों पर आधारित विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। गौरतलब है कि भगवान आदिनाथ ने लोक व्यवहार को बताने के लिए तीन वर्षीय कार्ययोजना की रूपरेखा तैयार की थी। इस संबंध में बोर्ड के सचिव चेतन चौहान ने सभी जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों को आदेश जारी किए हैं।
हर राज्य में शुरू हो यह पहल
इस निर्णय को भारत वर्षीय जैन समुदाय और अल्पसंख्यक वर्ग ने सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक संवाद की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। विश्व जैन संगठन एवं राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ के प्रचारक राजेश जैन दद्दू एवं अध्यक्ष मयंक जैन ने सरकार की इस अभिनव पहल का स्वागत करते हुए कहा कि यह पहल हर राज्यों में भी शुरू की जाएं।
होंगी कई ज्ञानवर्धक प्रतियोगिता
दद्दू ने बताया कि यह योजना के अंतर्गत विभिन्न आयोजन वर्ष भर चित्रकला, रंगोली, मरुदेवी के सोलह सपनों पर आधारित लघु फिल्म, पोस्टर निर्माण, डिजिटल प्रस्तुति और फिटनेस गतिविधियां होंगी।चित्रकला-पोस्टर प्रतियोगिताओं में भगवान ऋषभदेव के जन्म, दीक्षा, तप, ज्ञान, उपदेश और चरित्र से जुड़े प्रसंगों के साथ राष्ट्रीय एकता, स्वास्तिक प्रतीक और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषय शामिल किए गए हैं। राजस्थान सरकार की ओर से 12 से 15 मार्च तक विभिन्न कार्यक्रम होंगे। पहली बार यह पहल की गई है। कार्यक्रम के बाबत तैयारियां जारी है।
सरकार की इस पहल का स्वागत किया समाजजनों ने
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान आयोग के पूर्व अध्यक्ष और राजस्थान समग्र जैन युवा परिषद के संरक्षक जस्टिस नरेंद्रकुमार जैन ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से विद्यार्थियों को भगवान ऋषभदेव के आदर्श जीवन और उनके कार्यों से प्रेरणा मिलेगी। इंदौर दिगम्बर जैन समाज के वरिष्ठ समाजसेवी डॉ जैनेन्द्र जैन महावीर ट्रस्ट के अध्यक्ष अमित कासलीवाल फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोहर झांझरी, हंसमुख गांधी, टीके वेद,सुशील पांड्या एवं फेडरेशन की राष्ट्रीय शिरोमणि संरक्षिका पुष्पा कासलीवाल, रेखा जैन, मुक्ता जैन ने भी राजस्थान सरकार की इस पहल का स्वागत अभिनंदन करते हुए सरकार का आभार प्रकट किया।













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