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वैराग्य की राह पर अग्रसर उमंग भैया बने मुनि श्रुतांशसागर जी: जयपुर में दिगंबर जैनेश्वरी मुनि दीक्षा समारोह में उमड़े वागड़ के श्रद्धालुगण 


राजधानी जयपुर के सांगानेर रोड स्थित चित्रकूट नगर में विराजित आचार्य सुंदर सागर जी महाराज संसघ के सान्निध्य में सोमवार 3 नवंबर को आयोजित भव्य जैनेश्वरी दीक्षा समारोह हुआ। इसमें हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में आचार्य सुंदसागर जी महाराज ने सात मोक्ष मार्ग के पथिक साधकों को जैनेश्वरी दीक्षा प्रदान की। सागवाड़ा से पढ़िए, यह खबर…


सागवाड़ा। राजधानी जयपुर के सांगानेर रोड स्थित चित्रकूट नगर में विराजित आचार्य सुंदर सागर जी महाराज संसघ के सान्निध्य में सोमवार 3 नवंबर को आयोजित भव्य जैनेश्वरी दीक्षा समारोह हुआ। इसमें हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में आचार्य सुंदसागर जी महाराज ने सात मोक्ष मार्ग के पथिक साधकों को जैनेश्वरी दीक्षा प्रदान की। इस अवसर पर सागवाड़ा जैन समाज के गौरव बाल ब्रह्मचारी उमंग भैया (23) तथा ब्रह्मचारी पंकज भैया शाह (65) को चित्रकूट नगर के कंवर का बाग स्थित विशाल पांडाल में दिगंबर मुनि दीक्षा दी गई। समाज के प्रतिष्ठाचार्य विनोद पगारिया ‘विरल’ ने बताया कि दीक्षा समारोह के तहत सोमवार को प्रातः दोनो दीक्षार्थी समेत कुल सात दीक्षा लेने वाले दीक्षार्थियों को बैंडबाजों के साथ बिंदौली के रूप मे कार्यक्रम स्थल लाया गया। जहां पर मंगलाष्टक चौक पूराई के साथ सभी दीक्षार्थियों के केश लोचन की विधि हुई। इसके बाद सभी दीक्षार्थियों ने सभी से क्षमा याचना कर आचार्य सुंदर सागरजी महाराज से हाथ जोडकर दीक्षा ग्रहण कराने का निवेदन किया। इसके बाद वस्त्र त्याग विधि के बाद आचार्य श्री ने सभी दीक्षार्थियों के मस्तिक पर केसर से स्वस्तिक अंकन के बाद जैनागम में वर्णित विधि विधान के साथ दीक्षा संस्कार किए। दीक्षा संस्कारोपण के बाद आचार्य सुंदर सागरजी महाराज ने सागवाड़ा निवासी बाल ब्रह्मचारी उमंग भैया को दिगंबर मुनि दीक्षा प्रदान कर मुनि श्रुतांश सागरजी तथा ब्रह्मचारी पंकज भैया को मुनि सुधैर्य सागरजी नाम की घोषणा की। जिसका उपस्थित हजारो श्रद्धालुओं ने जय जयकार ध्वनि के साथ अनुमोदना की तथा नामकरण विधि के बाद संयम के उपकरण नवीन पिच्छिका तथा कमंडल बोली धारक श्रद्धालुओं ने प्रदान किए। दीक्षा समारोह में सागवाड़ा समेत वागड मेवाड के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्यार्जन किया।

दीक्षार्थी परिचय

ब्रह्मचारी उंमग भैया पिता देवीलाल पालविया, माता सीमा पालविया, जन्म सन् 2001 निवास पुजारवाड़ा मोहल्ला, शिक्षा बीकॉम. माता-पिता का एक पुत्र, दो बहनें, 2019 में प्रथम बार केश लोचन किया। ब्रह्मचारी पंकज भैया, पिता गुलाबचंद शाह, माता आनंदी देवी शाह, जन्म 5 जनवरी 1961, निवास कंसारा चौक सागवाड़ा, शिक्षा एमए. बीएड.सेवानिवृत प्रधानाध्यक, ब्रह्मचार्य व्रत 2021 क्षमावाणी पर्व पर, इनकी धर्मपत्नी ने आचार्य सुंदर सागरजी से दीक्षा लेकर समाधि ली थी।

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