श्रवणबेलगोला। इस क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए कर्मयोगी स्वस्थश्री चारुकीर्ति भट्टारक स्वामीजी के दृष्टिकोण से 2006 में बाहुबली अस्पताल की शुरुआत हुई। पढि़ए रेखा जैन की पूरी रिपोर्ट…
श्रवणबेलगोला। इस क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए कर्मयोगी स्वस्थश्री चारुकीर्ति भट्टारक स्वामीजी के दृष्टिकोण से 2006 में बाहुबली अस्पताल की शुरुआत हुई। अखिल कर्नाटक जैन महिला संघ की अध्यक्ष पद्मिनी पद्मराज ने कहा कि यह आशा की किरण है और अच्छी स्वास्थ्य देखभाल प्रदान की जा रही है। ।
शुक्रवार को यहां श्री धवलतीर्थम में श्री बाहुबली अस्पताल में अल्ट्रासाउंड स्कैनिंग यूनिट के उद्घाटन के अवसर पर श्री मठ के अध्यक्ष स्वस्तिश्री अभिनव ने कहा कि चारुकीर्ति भट्टारक स्वामीजी ने अल्प समय में ही स्वास्थ्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में अपार सेवा कार्य प्रारंभ किए हैं और हम सभी को उनके सामाजिक कार्यों में हाथ बंटाना चाहिए। मुख्य अतिथि श्रवणबेलगोला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रशासनिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. थे। बीआर युवराज बोले, श्रवणबेलगोला में एलकेजी।
शिक्षण संस्थान खोलकर नर्सिंग, डिप्लोमा से लेकर इंजीनियरिंग डिग्री तक ग्रामीण छात्रों को बिना डोनेशन के बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना, जो पेशकश की जा रही है वह सराहनीय है। अभिनव श्री वरिष्ठ श्री के कई वर्षों के सपने को साकार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि डायलिसिस एवं अल्ट्रासाउंड स्कैनिंग यूनिट शुरू कर गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने से इस क्षेत्र के लोगों को काफी लाभ होगा।

शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. विजयकुमार ने कहा कि निकट भविष्य में एक प्रसूति अस्पताल और एक आयुर्वेदिक अस्पताल के साथ एक सर्जरी इकाई शुरू करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि पारा मेडिकल, बीएससी नर्सिंग और एमबीबीएस कॉलेज खोलने की योजना बनाई गई है। इस अवसर पर श्री मठ की ओर से आशा कार्यकर्ताओं को छाते वितरित किए गए।
पूर्व ग्राम पंचायत अध्यक्ष एस.आर. लोकेश, सदस्य यशस जैन, शालिनी देवेन्द्रकुमार, श्री बाहुबली अस्पताल प्रबंधन बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. रत्नाराजू, तुमकुर के व्यवसायी आरए सुरेश कुमार, कुशमम महिला समाज की अध्यक्ष महालक्ष्मी, श्रीताकेवली एजुकेशन ट्रस्ट के प्रबंध ट्रस्टी पुट्टाराजू, एस.एस.डी.जे.जे.पी. एसोसिएशन के सचिव बबन परीसा दत्तवाडे, डॉ. रामचन्द्र, डॉ. पूर्णिमा आदि उपस्थित थे।













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