धर्म नगरी स्थित प्राचीन और ऐतिहासिक ‘दर्शनगिरी तीर्थ’ अब अपने गौरवशाली अतीत को पुनः प्राप्त करने की दिशा में अग्रसर है। तीर्थ के जीर्णोद्धार और विकास की जिम्मेदारी अब समाज की युवा शक्ति ने अपने हाथों में ली है। उज्जैन से पढ़िए राजेश जैन दद्दू की पूरी खबर…
उज्जैन। धर्म नगरी स्थित प्राचीन और ऐतिहासिक ‘दर्शनगिरी तीर्थ’ अब अपने गौरवशाली अतीत को पुनः प्राप्त करने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। तीर्थ के जीर्णोद्धार और विकास की जिम्मेदारी अब समाज की युवा शक्ति ने अपने हाथों में ली है।
आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी के मंगलमय आशीर्वाद एवं आचार्य संघ के मुनि श्री प्रणुत सागर जी की प्रेरणा से युवाओं ने उज्जैन जैन समाज को एक भव्य ऐतिहासिक विरासत सौंपने का संकल्प लिया है। मुनि श्री के मार्गदर्शन में पुरानी कमेटी ने अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करते हुए तीर्थ के विकास की सारी जिम्मेदारी समाज के ऊर्जावान युवाओं को सौंप दी है।
युवाओं द्वारा किए गए प्रयासों और समाज की सकारात्मक सोच का परिणाम ‘नवीन ट्रस्ट मंडल’ के गठन के रूप में सामने आया है। एक नए जोश और उम्मीद के साथ तीर्थ क्षेत्र के विकास के लिए गठित यह ट्रस्ट मंडल समाज के कर्मठ और ऊर्जावान युवाओं से मिलकर बना है। दिगंबर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन के राष्ट्रीय पदाधिकारियों ने संकल्प के साथ इस टीम का गठन किया है।
यह हैं नवनिर्वाचित पदाधिकारी
अश्विन कासलीवाल, अभिषेक विनायका, चेतन राणा, हितेष जैन, नीरज सोगानी, अंतिम जैन, गौरव लुहाड़िया
बताया गया कि इस पुनीत कार्य में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए चेतन राणा और अभिषेक राणा विशेष रूप से बधाई के पात्र हैं। समाज ने इन पर भरोसा जताते हुए जो जिम्मेदारी सौंपी है, उसके लिए जितनी अनुमोदना की जाए कम है। इन युवाओं का उत्साह यह विश्वास जगाता है कि जल्द ही दर्शनगिरी तीर्थ न केवल उज्जैन बल्कि पूरे भारत के जैन समाज के लिए आस्था का एक भव्य केंद्र बनेगा।
इन्होंने शुभकामनाएं दीं
फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोहर झांझरी, महावीर ट्रस्ट के अध्यक्ष अमित कासलीवाल, हंसमुख गांधी, टीके वेद, डॉ. जैनेंद्र जैन, अनिल गंगवाल, नवीन जैन एवं फेडरेशन की राष्ट्रीय शिरोमणि संरक्षिका पुष्पा कासलीवाल सहित अनेक समाज पदाधिकारियों ने नवीन टीम को इस ऐतिहासिक दायित्व के लिए शुभकामनाएं प्रदान कीं।













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