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त्योहारों पर बैर की ग्रंथि खोलनी चाहिएः आचार्य श्री 108 चैत्य सागर जी महाराज

  • भगवान श्रेयांसनाथ का निर्वाण कल्याणक महोत्सव मनाया

न्यूज़ सौजन्य- शुभन जैन

 

आगरा । श्री 1008 संभवनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर, मोती कटरा में परम पूज्य आचार्य श्री 108 चैत्य सागर जी महाराज ससंघ के मंगल सान्निध्य में भगवान श्रेयांसनाथ निर्वाण कल्याणक महोत्सव एवं रक्षाबंधन महापर्व गुरुवार को मनाया गया। शुभारंभ सुबह 7 बजे भगवान का अभिषेक एव शान्तिधारा से हुआ। इसके बाद आचार्य श्री 108 चैत्य सागर जी महाराज ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि रक्षाबंधन पर्व सही रूप से प्रभु श्रेयांसनाथ तीर्थंकर ने मनाया था। यह करुणा, प्रेम और वात्सल्य का त्यौहार है। कहा कि आज परिवारों में आपस में वह प्रेम नहीं रहा। इन त्योहारों पर बैर की ग्रंथि खोलनी चाहिए। सैंकड़ो भक्तों ने रक्षाबन्धन विधान में 700 मुनियों के स्मरण स्वरूप 700 श्रीफल अर्पण किए। इसके पश्चात जैन धर्म के 11वें तीर्थंकर भगवान श्रेयांसनाथ मोक्ष कल्याणक पर भक्तों ने निर्वाण लाडू भगवान श्रेयांसनाथ के चरणों में बड़े भक्तिभाव से समर्पित किया। आचार्यश्री की पिच्छी में राखी बांधने का सौभाग्य भक्तों को प्राप्त हुआ। संचालन राकेश जैन परदेवाले ने किया। इस अवसर पर विवेक जैन, पंकज जैन, अनिल जैन,सुनील जैन,अजित जैन, अर्चना जैन,डोली जैन, मीडिया प्रभारी शुभम जैन समेत मोती कटरा जैन समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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