समाचार

जैन समाज के दो संगठनों ने जीवों को दिया अभयदान: कत्लखाने जाने से बचाकर सुरक्षित किया


शहर के दो सामाजिक संगठनों ने आमजन की सेवा के साथ जीवदया का भी अनूठा कार्य किया है। जिले के करीब 6 गांवों से कटने के लिए जा रहे 30 बकरों को 4 लाख रुपए में खरीदा और कत्लखाने से रोका। रविवार सुबह इन सभी जीवों को तिलक लगाया और माला पहनाई। गुड खिलाया। भीलवाड़ा से पढ़िए, यह विशेष रिपोर्ट…स्रोत दैनिक भास्कर 


भीलवाड़ा। शहर के दो सामाजिक संगठनों ने आमजन की सेवा के साथ जीवदया का भी अनूठा कार्य किया है। जिले के करीब 6 गांवों से कटने के लिए जा रहे 30 बकरों को 4 लाख रुपए में खरीदा और कत्लखाने से रोका। रविवार सुबह इन सभी जीवों को तिलक लगाया और माला पहनाई। गुड खिलाया। मंगलपाठ सुनाकर पालन-पोषण और रखरखाव के लिए ट्रक से पाली जिले के खोड गांव स्थित बकरा शाला भिजवाया। बकराशाला में भी इनके चारा-पानी के लिए एक लाख रुपए अलग से जमा करवाए। श्री आदिनाथ महिला मंडल कांचीपुरम और जीव मैत्री सेवा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में जीवों को बचाया गया। जीव मैत्री संस्थान के अध्यक्ष हेमंत कोठारी और आदिनाथ महिला मंडल की कार्यकारी सदस्य महामंत्री गुणमाला बोहरा ने बताया कि जैन समाज के लोग जीवदया के क्षेत्र में निरंतर कार्यरत हैं। दानदाताओं के सयोग से 6 गांवों से 30 बकरों को बचाकर शनिवार को भीलवाड़ा लाया गया। रविवार को बकराशाला पानी रवाना किया गया।

300 जीवों को अब तक जीवनदान दिया 

संस्थान अध्यक्ष हेमंत कोठारी और मनीष बंब ने बताया कि वर्ष 2012-13 से जीवदया मुहिम जारी है। 12 सालों में दानदाताओं के सहयोग से करीब 30 लाख रुपए देकर 300 बकरों को कत्लखाने जाने से बचाकर सुरक्षित किया गया। रविवार को शहर विधायक अशोक कोठारी के सानिध्य में सभी जीवों को बकरा शाला रवाना किया। सहयोगी संपतराज पीपाड़ा, सुनीता पीपाड़ा की अनुमोदना की गई।

बकरों के रखरखाव के लिए भी भेजते हैं राशि

ग्रामीण क्षेत्र से कटने के लिए जाने वाले बकरों को खरीदकर बकरा शाला भेजने के बाद वहां उनके रखरखाव के लिए भी समय-समय पर धनराशि भेजी जाती है। आदिनाथ मंहिला मंडल की सदस्य स्नेहलता बोहरा और मधु सांखला ने बताया कि बकरों के भरण-पोषण के लिए उचित धनराशि अलग से भेजी जाती है। जीवों की बकरा शाला रवानगी के दौरान जीव मैत्री से बीना जैन, योगिता सुराणा, निर्मल बागचार, पूर्व पार्षद सुरेश बंब, आदिनाथ संघ कांचीपुरम के संपत पीपाड़ा, चंचल कोठारी, हेमलता खेराड़ा, ममता डागा, अनुप्रिया खाब्या, सुरुचि कोठारी उपस्थित थे।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
0
+1
0
+1
0
Shreephal Jain News

You cannot copy content of this page