समाचार

अंतिम कलश स्थापना 31 अगस्त को : ढाई हजार सर्व सिद्धि पूर्णमासी कलश स्थापित


मुनि श्री विनम्र सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में मंगलवार को बंधा जी में श्रावण शुक्ला पूर्णिमा के अवसर पर करीब ढाई हजार सर्व सिद्धि पूर्ण काम कलश स्थापित किए गए। इस पूर्णिमा को 10,000 से अधिक लोग पूर्णमासी कलश स्थापना के साक्षी बने। सोमवार शाम को हजारों लोग बंधा जी पहुंच चुके थे। पढ़िए राजीव सिंघई की रिपोर्ट…


बंधा जी। बुंदेलखंड के हजारों वर्ष प्राचीन अतिशय क्षेत्र बंधा जी में आचार्य भगवन विद्यासागर जी महामुनि राज के ओजस्वी शिष्य प्रखर वक्ता मुनि श्री 108 विनम्र सागर जी महाराज अपने संघ 5 मुनिराज एवं क्षुल्लक जी के साथ विगत साढ़े चार माह से विराजमान हैं। उनके सानिध्य में प्रतिदिन श्रीजी का अभिषेक एवं शांति धारा चल रही है। देशभर से प्रतिदिन सैकड़ों लोग बंधा जी पहुंचकर धर्म लाभ ले रहे हैं। मंगलवार को बंधा जी में श्रावण शुक्ला पूर्णिमा के अवसर पर करीब ढाई हजार सर्व सिद्धि पूर्ण काम कलश स्थापित किए गए। प्रदीप जैन बम्होरी ने बताया कि इस पूर्णिमा को 10,000 से अधिक लोग पूर्णमासी कलश स्थापना के साक्षी बने । सोमवार शाम को हजारों लोग बंधा जी पहुंच चुके थे।

पांच से हो रही है स्थापना

मुनि श्री विनम्र सागर जी महाराज के प्रवचन ऑनलाइन चैनल के माध्यम से देश और दुनिया के हजारों लोग घर बैठे सुन रहे हैं। मुनि श्री विनम्र सागर जी महाराज द्वारा बंधा जी में पूर्णमासी शांति कलश की स्थापना मुनि संघ के सानिध्य में विगत 5 माह से की जा रही है। अगली एवं अंतिम कलश स्थापना 31 अगस्त पूर्णमासी को होगी।

युवक-युवती परिचय सम्मेलन होगा

जिन लोगों ने पिछले माह अपने कलश स्थापित किए थे, वे इस पूर्णमासी को अपने कलश घर ले जाकर स्थापित करेंगे। देश-विदेश से हजारों लोग शांति कलश के माध्यम से बंधा जी क्षेत्र के मूलनायक महा अतिशयकारी चमत्कारी अजितनाथ भगवान से जुड़कर अपने जीवन को बदल रहे हैं। बंधा जी में पहली बार जैन युवक- युवती परिचय सम्मेलन का आयोजन 5 एवं 6 सितंबर को आयोजित किया जा रहा है।

शांति धारा से आती है जीवन में शांति

मुनि श्री विनम्र सागर जी महाराज ने प्रवचन के माध्यम से कहा कि बंधा जी में विराजमान महा अतिशयकारी अजितनाथ भगवान का अतिशय आप लोग देख रहे हैं। अजित नाथ भगवान की शांति धारा करने से हमारे जीवन में शांति एवं सरलता आती है। मुनि श्री ने कहा कि आप लोग अजितनाथ भगवान के दरबार में आकर अपने शत्रु की शत्रुता को खत्म करने के लिए एक बार अवश्य शांति विधान कीजिए। बंधा जी में 1वर्ष में 2,000 से अधिक शांति विधान होते हैं।

शांति विधान के माध्यम से अजितनाथ भगवान का अतिशय आपको सुख-शांति- समृद्धि से समृद्ध करेगा। ऐसा हमारा विश्वास है। कार्यक्रम में दिल्ली, नागपुर, भोपाल, सागर, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, झांसी, गुड़गांव, टीकमगढ़ सहित अनेक नगरों से श्रद्धालु शामिल हुए। कार्यक्रम में कमेटी की ओर से अनोज जैन, कमलेश जैन, राजेंद्र मोदी, बल्ले जैन, महेश चौधरी, महेंद्र सिमरा, कमलेश चौधरी, डीके जैन, महेंद्र जैन, अजित जैन एवं मुनि सेवा संघ के अनेक युवा शामिल रहे।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
10
+1
1
+1
0
Shreephal Jain News

About the author

Shreephal Jain News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page