उत्तम सत्य धर्म के पांचवें दिन प्रातः 1008 आदिनाथ मंदिर की 1008 भगवान महावीर समवशरण सुखोदय तीर्थ नसिया जी में विशेष शांति धारा अभिषेक किया गया। अभिषेक के बाद चातुर्मास परिसर में सिंहासन पर विराजमान श्रीजी की प्रतिमा का अभिषेक शांति धारा पवित्रमति माताजी, करणमती माताजी, गरिमामति माताजी के सानिध्य में किया गया। पढ़िए सुरेश चंद्र गांधी की रिपोर्ट…
नौगामा। उत्तम सत्य धर्म के पांचवें दिन प्रातः 1008 आदिनाथ मंदिर की 1008 भगवान महावीर समवशरण सुखोदय तीर्थ नसिया जी में विशेष शांति धारा अभिषेक किया गया। अभिषेक के बाद चातुर्मास परिसर में सिंहासन पर विराजमान श्रीजी की प्रतिमा का अभिषेक शांति धारा पवित्रमति माताजी, करणमती माताजी, गरिमामति माताजी के सानिध्य में किया गया। अभिषेक करने का प्रथम सौभाग्य साध्य कपिल पंचोरी को प्राप्त हुआ एवं उपस्थित संस्कार शिविर में भाग लेने वाले शिविरार्थियों द्वारा अभिषेक किया गया।
अभिषेक के बाद पंडित रमेश चंद्र गांधी, मोनू भैया मुंगावली मध्य प्रदेश, वीणा दीदी के दिशा निर्देशन में पंच मेरु विधान के अर्घ्य बड़े भक्ति भाव से वाद्य यंत्रों की मधुर स्वरों के साथ बारी-बारी से चढ़ाए गए। इस अवसर पर 10 लक्षण पूजन, 16 कारण पूजन, पंचमेरु पूजन किया गया। इस अवसर पर अष्ट द्रव्य के थाल सजाकर महिलाओं द्वारा गरबा नृत्य करते हुए अर्घ्य चढ़ाए गए। आज के विधान के पुण्यार्जक नरेंद्र कुमार नथमल जी थे। विधान में सौधर्म इंद्र बनने का सौभाग्य पिंडारमिया मेहुल कैलाश को प्राप्त हुआ। भक्तामर विधान के पुण्यार्जक पंचोरी भरत कुमार अमृतलाल होंगे। दोपहर में तत्वार्थ सूत्र का वाचन किया गया।
शाम को प्रतिक्रमण महाआरती के बाद राशि दीदी द्वारा प्रवचन किया गया एवं मोनू भैया की दिशा निर्देशन में 48 दीप विधान के दीप प्रज्वलित किए गए। इस अवसर चातुर्मास कमेटी अध्यक्ष निलेश जैन, राजेंद्र गांधी, नरेश जैन ने बताया कि अभी संस्कार शिविर में शिविरार्थियों के व्रत उपवास चल रहे हैं। प्रातः 5:00 बजे प्रार्थना प्रतिक्रमण स्वाध्याय राशि दीदी द्वारा करवाया जाता है। 12 तारीख को धूप दशमी का पर्व बड़े हर्ष उल्लास के साथ मनाया गया। आदिनाथ मंदिर संमवशरण मंदिर नसिया जी में दोपहर को धूप चढ़ाई गई।













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