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सच्चा सुख, शांति अपने अंदर ही है: आचार्य प्रमुख सागर 


स्थानीय फैंसी बाजार स्थित भगवान महावीर धर्म स्थल में विराजित आचार्य श्री प्रमुख सागर महाराज ससंघ द्वारा सांयकालीन प्रवचन मे श्रोताओं को संबोधित करते हुए कहा की सुख और दुख एक कल्पना मात्र है । पढ़िए यह सुनील कुमार सेठी की विशेष रिपोर्ट सुनील सेठी के साथ…


गुवाहाटी / बेंगलुरु । स्थानीय फैंसी बाजार स्थित भगवान महावीर धर्म स्थल में विराजित आचार्य श्री प्रमुख सागर महाराज ससंघ के सानिध्य में आज प्रात:श्रीजी की शांतिधारा करने का परम सौभाग्य ओम प्रकाश – प्रभा देवी सेठी परिवार गुवाहाटी / बेंगलुरु को प्राप्त हुआ। तत्पश्चात आचार्य श्री ने अपने सांयकालीन प्रवचन मे श्रोताओं को संबोधित करते हुए कहा की सुख और दुख एक कल्पना मात्र है । जो वस्तु मन को भाय तो सुखी करती है और मन से उतर जाए तो दुखी करती है।

थोड़ा सुख तो मंदिर में है, गुरु के पास है

आचार्य श्री ने कहा कि वास्तविक सुख शांति कहां है, थोड़ा सुख तो मंदिर में है, गुरु के पास है। हमें उनके पास ऐसा लगता है कि बस यही रह जाऊं और कहीं जाना ही ना पड़े, लेकिन अपनी आजीविका की पूर्ति के लिए हमें कहीं जाना भी पड़ता है। सच्ची सुख शांति हमें अपनी अंतरात्मा को जानना होगा। हमें अपने अंतर चक्षु के ज्ञान के माध्यम से और सम्यकदर्शन रूपी लाइट के माध्यम से अपनी आत्मा को जानना होगा। इसी में हमारा और हमारी आत्मा का सच्चा आचार्य श्री ने बताया कि तेरा सुख तो तेरे पास ही है। यह बाहर में मिलने वाली चीज नहीं है।

यह तो अंतरंग का सुख है। अगर इस धन- वैभव से सुख शांति मिलती तो चक्रवर्ती,तीर्थंकर यह अपार धन वैभव ऐसे छह खंड का राजमहल छोड़कर घर त्याग करके मुनि दीक्षा लेकर तप नहीं करते। वह भी इसी धन वैभव में लगे रहते। उन्होंने इस धन वैभव का त्याग किया,जिन दीक्षा को धारण किया और तप करके मोक्ष को प्राप्त किया।

जीवन में अपनी इच्छाओं के अनुरूप जीना

आचार्य श्री ने कहा कि जब मनुष्य अपने जीवन में किसी एक चुनौती को जीवन का केंद्र मान लेता है, तब वह जीवन में सफलता प्राप्त नहीं कर पाता। इंसान को जीवन में अपनी इच्छाओं के अनुरूप जीने के लिए जुनून की आवश्यकता होती है, वरना हर इंसान की परिस्थितियां तो हमेशा विपरीत होती है। जो है, जितना है, उसी में खुश रहना चाहिए क्योंकि जरूरत से ज्यादा रोशनी भी इंसान को अंधा बना देती है। सुख के लिए अपने आप से जुड़ने का प्रयास करो, अपने आप से जुडो़गे तो सुखी हो जाओगे। इंसान को हर परिस्थिति में खुश रहना चाहिए।इसी मे सच्चा सुख है।

इस अवसर पर चंद्रप्रभु चेत्यालय में रोजाना संध्याकालीन श्रीजी की आरती महावीर स्थल आरती ग्रुप के सदस्यों द्वारा की जा रही है। यह जानकारी समाज के प्रचार प्रसार विभाग के मुख्य संयोजक ओम प्रकाश सेठी एवं सह संयोजक सुनील कुमार सेठी द्वारा दी गई है।।

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