जयपुर में अल्पसंख्यक मामलात विभाग द्वारा सेवाओं की गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के उद्देश्य से जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी अभिषेक सिद्ध ने कार्मिक सेवा फीडबैक प्रणाली की शुरुआत की है। इस पहल से अल्पसंख्यक वर्ग के समुदायों को प्रशासनिक सेवाओं पर सीधे फीडबैक देने का अवसर मिलेगा। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…
जयपुर। अल्पसंख्यक मामलात विभाग जयपुर ने सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक नई पहल शुरू की है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी अभिषेक सिद्ध द्वारा “कार्मिक सेवा फीडबैक प्रणाली” प्रारंभ की गई है, जिसके माध्यम से नागरिक, अधिकारी या कर्मचारी कार्यालय में कार्यरत कार्मिकों की सेवाओं पर अपना फीडबैक दे सकेंगे।
कार्यक्रम अधिकारी स्नेहा महरिया ने बताया कि यह फीडबैक प्रणाली गूगल फॉर्म आधारित है, जिसे एक QR कोड स्कैन कर मोबाइल से सीधे भरा जा सकता है। इस फॉर्म में कार्यकुशलता, सहयोगिता, व्यवहार, समयपालन और सेवा भाव जैसे बिंदुओं पर मूल्यांकन की सुविधा दी गई है।
अभिषेक सिद्ध ने कहा कि “अल्पसंख्यक वर्ग के जनसामान्य की राय और सुझावों के माध्यम से हम अपनी सेवाओं को और अधिक पारदर्शी, प्रभावी और जवाबदेह बना सकते हैं। यह पहल कार्यालय में गुड गवर्नेंस की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”
विभाग द्वारा प्राप्त फीडबैक का मासिक विश्लेषण किया जाएगा और उसके आधार पर सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। इस अवसर पर विभिन्न अल्पसंख्यक संगठनों ने इस पहल का स्वागत किया और इसे सभी समुदायों के हित में बताया।
राजस्थान समग्र जैन युवा परिषद के अध्यक्ष जिनेंद्र जैन ने कहा कि “इस अभिनव कदम से सरकारी सेवाओं में गुणवत्ता और पारदर्शिता बढ़ेगी, कार्मिकों की जवाबदेही सुनिश्चित होगी तथा प्रशासन और समुदायों के बीच संवाद अधिक सशक्त बनेगा, जिससे अल्पसंख्यक वर्ग की समस्याओं का समाधान शीघ्र हो सकेगा।”













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