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धर्मसभा में दिए प्रवचन : आज देश को बहिष्कार की नहीं, आविष्कार की जरूरत है – मुनि श्री विनम्र सागर जी महाराज


मुनि श्री विनम्र सागर जी महाराज ने प्रवचन में कहा कि सरकार और नागरिक के बीच में सबसे गंदी कड़ी है , व्यसन। सात प्रकार के व्यसनों को देश में लीगल नहीं करना चाहिए। देश में गलत वेबसाइट चालू करवाने पर सरकार को तो कम , नेताओं को बड़ी रकम मिलती है। देश के वे नेता गद्दार हैं जिन्होंने सरकार में रहकर, जुआ, शराब और बीयर बार को लीगल कर दिया। पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट…


इंदौर। छत्रपति नगर के दलाल बाग में मुनि श्री विनम्र सागर जी महाराज ने प्रवचन में कहा कि सरकार और नागरिक के बीच में सबसे गंदी कड़ी है , व्यसन। सात प्रकार के व्यसनों को देश में लीगल नहीं करना चाहिए। देश में गलत वेबसाइट चालू करवाने पर सरकार को तो कम , नेताओं को बड़ी रकम मिलती है। देश के वे नेता गद्दार हैं जिन्होंने सरकार में रहकर, जुआ, शराब और बीयर बार को लीगल कर दिया। इन सबसे आपराधिक प्रवृत्तियां बढ़ रही हैं। बच्चे कॉइन कलेक्शन के माध्यम से मोबाइल में जुआ खेल रहे हैं।

जुआरी की मानसिकता होती है कि आज 5 लाख जीते तो कल 50 लाख जीतूंगा और जुआ खिलाने वाले की मानसिकता होती है कि हमारे यहां से कोई जीत कर नहीं जाएगा। जुआ खिलाने से देश की जीडीपी बर्बाद हो रही है। सारे विज्ञापनों में सत्यता नहीं है। भारत की वसुंधरा को बचाने के लिए यह सब कुछ में कहा रहा हूं। सरकार में बैठे मंत्री हमारी आस्था के केंद्र हैं। आपकी नीतियों से देश का युवा बर्बाद हो रहा है। आपने आगे कहा कि पूरे विश्व में 35% माल चाइना का बिक रहा है। हमें भी नई-नई इंडस्ट्रीज डालनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि आज देश को बहिष्कार की नहीं आविष्कार की आवश्यकता है। क्राइम करने वालों की कालर कभी गंदी नहीं होती , उनके दिमाग गंदे होते हैं। हकीकत में एक बार साधु को देश का प्रधानमंत्री बना कर देखो। आज आप अपने व अपने परिवार के मोबाइल में से आपराधिक गतिविधियों वाले सभी गेम्स / वेबसाइट डिलीट कर दीजिएगा । अभी भी वक्त है

चिड़िया चुग गई सारा खेत, आंख खुली तो देखा मैंने खेत में रेत ही रेत।

समाज की दी नसीहत

दिगंबर जैन समाज सामाजिक संसद के प्रचार प्रमुख सतीश जैन ने बताया कि गुरुदेव से मिलने आए एक बहुत बड़े व्यापारी ने जब यह कहा कि मेरा पुत्र जुए और सट्टे में 28 करोड़ रुपए हार गया है, उसकी वजह से मुझे 3 फैक्ट्रियां बेचना पड़ेंगी। मुनिवर ने पूरे समाज को एक नसीहत देते हुए उक्त विचार व्यक्त किए । प्रातः गुरुदेव के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलन के बाद गुरुदेव की आठ द्रव्यों से सभी श्रावक- श्राविकाओं ने पूजन की। इस अवसर पर मनोज बाकलीवाल, मनीष नायक,सतीश डबडेरा, सचिन जैन, सतीश जैन, आनंद जैन, भरतेश बड़कुल, कैलाश चंद जी जैन नेताजी, रमेश चंद्र जी जैन,कमल अग्रवाल , रितेश जैन, आदि विशेष रूप से मौजूद थे। पूज्य मुनि श्री निस्वार्थ सागर जी महाराज भी मंच पर विराजित थे। प्रतिदिन सुबह 8.30 बजे से आचार्य श्री जी की पूजन, 9:00 बजे से मुनिवर के प्रवचन, दलाल बाग में होते हैं। धर्म सभा का सफल संचालन शिरीष अजमेरा ने किया।

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