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भगवान श्री शीतलनाथ जी मोक्ष कल्याणक आज: तिथि के अनुसार अश्विन शुक्ल अष्टमी को मनाया जाता है भगवान का मोक्ष कल्याणक 


जैन धर्म के 10वें तीर्थंकर भगवान श्री शीतलनाथ जी का मोक्ष कल्याणक मंगलवार को पूरे देश भर के दिगंबर जैन मंदिरों में श्रद्धा, भक्ति और आराधना के साथ मनाया जा रहा है। भगवान शीतलनाथ जी ने अश्विन मास की अष्टमी तिथि को श्री सम्मेदशिखर जी से मोक्ष गमन किया था। यह तिथि आज 30 सितंबर को आई है। श्रीफल जैन न्यूज की विशेष श्रृंखला में आज पढ़िए, उपसंपादक प्रीतम लखवाल द्वारा यह संकलित जानकारी….


इंदौर। जैन धर्म के 10वें तीर्थंकर भगवान श्री शीतलनाथ जी का मोक्ष कल्याणक मंगलवार को पूरे देश भर के दिगंबर जैन मंदिरों में श्रद्धा, भक्ति और आराधना के साथ मनाया जा रहा है। भगवान शीतलनाथ जी ने अश्विन मास की अष्टमी तिथि को श्री सम्मेदशिखर जी से मोक्ष गमन किया था। यह तिथि आज 30 सितंबर को आई है। इंदौर सहित विभिन्न शहरों में भी भगवान का निर्वाण महोत्सव मनाया जा रहा है। भगवान शीतलनाथ जी का अभिषेक, शांतिधारा और अर्घ्य समर्पित कर निर्वाण लाडु चढ़ाए जा रहे हैं। भगवान शीतलनाथ जी की माता रानी सुनंदा हैं और पिता राजा दृढरथ। उनका च्निह कल्पवृक्ष है। भगवान शीतलनाथ जी का जन्म माता सुनंदा के गर्भ से भद्रिकापुरी में हुआ था। आपके शरीर की शरीर की ऊंचाई 90 धनुष है। भगवान शीतलनाथ जी का वर्ण स्वर्ण/कंचन के समान है। भगवान ने बेल वृक्ष के नीचे दीक्षा ली। उनके साथ 1 हजार राजा दीक्षित हुए थे।

भगवान के पंच कल्याणक की तिथियां

गर्भ-चैत्र कृष्णा अष्टमी

जन्म-माघ कृष्णा द्वादशी

तप-माघ कृष्णा द्वादशी

केवलज्ञान-पौष कृष्णा चतुर्दशी

निर्वाण(मोक्ष)-अश्विन शुक्ल अष्टमी

भगवान शीतलनाथ जी का समवशरण

भगवान के गणधर-81

केवली मुनि-7500

मुनि-1लाख

आर्यिका 3 लाख 80 हजार

श्रावक-2 लाख

श्राविकाएं-4 लाख

आयु- लाख पूर्व वर्ष

भगवान श्री शीतलनाथ जी रू खड्गासन आसन से मोक्ष पधारे थे। उनकी निर्वाण स्थली श्री सम्मेदशिखर जी है।

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