आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज, आचार्य श्री समयसागर जी महाराज के परमप्रभावक शिष्य मुनि श्री प्रमाणसागर जी महाराज ससंघ की भव्य मंगल अगवानी कुण्डलपुर में हुई। कुंडलपुर से पढ़िए, रत्नेश जैन रागी की यह खबर…
कुण्डलपुर (दमोह)। आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज, आचार्य श्री समयसागर जी महाराज के परमप्रभावक शिष्य मुनि श्री प्रमाणसागर जी महाराज ससंघ की भव्य मंगल अगवानी कुण्डलपुर में हुई। प्रचारमंत्री जयकुमार जलज ने बताया कि मुनिश्री संघ सहित कुण्डलपुर पहुंचते ही सीधे पर्वत चढ़ाई मार्ग से बड़े बाबा मंदिर पहुंचे। चढ़ाई मार्ग पर चलते हुए मुनि श्री ने अपने संघस्थ साधुओं को मार्ग के दोनों ओर लगे वृक्षों एवं पूरे पहाड़ी क्षेत्र पर लगे वृक्षों की श्रृंखला को दिखलाते हुए बताया कि यहां सदा हरियाली रहती है। यह गुरुदेव की ही सोच का परिणाम है। मुनि श्री ने सीधे बड़े बाबा मंदिर जी जाकर पूज्य बड़े बाबा के ससंघ दर्शन किए और वहां से शंका समाधान के सत्र में सम्मिलित हुए। जहां पर मुनि श्री ने अपना मंगल आशीष देते हुए कहा कि आज बड़े बाबा के चरणों में आते हुए हमारा एवं सभी का मन बहुत उत्साहित था। आज बड़े बाबा के दर्शन कर मन गदगद हो गया।बड़े बाबा को अपने में समाए हुए गुरुदेव का दर्शन मुझे हुआ। यह क्षेत्र परम पूज्य गुरुदेव का ऋणी है। गुरुदेव ने सहस्त्रों वर्ष के लिए इस क्षेत्र को संरक्षित कर दिया। कितनी कठिनाइयां आई, कितना संघर्ष झेलना पड़ा, गुरुदेव के आशीर्वाद से और पूज्य बड़े बाबा के वरदान से सब कुछ ठीक-ठाक हो गया। पहले के कुंडलपुर और आज के कुंडलपुर में बहुत अंतर है। जब भगवान का गगन विहार हो रहा था मैं यहां नहीं था, कोलकाता में था पर मेरी आत्मा यही थी। सबके मन में डर था शंका कुशंकाएं थीं ,लेकिन कमेटी तत्परता से लगी रही । इस धरा पर एक ही आत्मा निशंकित थी। वह निशंक होकर पूज्य बड़े बाबा का गगन विहार देखते रहे । इस वाक्या को 20 साल हो जाएंगे।
कल्पवृक्ष सौंपा है सबसे खूबसूरत जगह बनाना है
गुरुदेव कभी विचलित नहीं हुए उन्होंने सदैव कहा चिंता मत करो बड़े बाबा सब ठीक कर देंगे सब ठीक हो जाएगा। 2022 का महोत्सव भी बड़े बाबा की कृपा से अच्छी तरह होगा गुरुदेव ने कहा। गुरुदेव तो दिव्य दृष्टा थे बड़े बाबा का स्थानांतरण आवश्यक था। किसी ने भी इसको नहीं भापा इसको एक ही शख्सियत गुरुदेव जिन्होंने यह निर्णय ले लिया। यहां जो कुछ भी हुआ है वह बड़े बाबा और छोटे बाबा का आंतरिक संवाद का फल है। उन्होंने कल्पवृक्ष सौंपा है। सभी को इसको सबसे खूबसूरत जगह बनाना है। भारत सरकार किसी भी अतिथि को लेकर आए तो ताजमहल बाद में पहले यहां लाने का विचार बनाएं। इसे ऐसा विकसित करना।भव्य विशाल मंदिर बनाया गया यहां की भव्यता देखते बनती है। इतने में संतुष्ट होना पर्याप्त नहीं है। इसे भारत का सबसे सुंदर धर्म स्थल के रूप में प्रतिष्ठित करना चाहिए। आज मन बहुत गदगद है।
अगवानी में यह लोग शामिल रहे
मुनिश्री की अगवानी में प्रवेश द्वार पर कुंडलपुर क्षेत्र कमेटी ने पाद प्रक्षालन किया। अगवानी में गौरझामर दिव्या घोष एवं अखाड़ा पथरिया विरागोदय महिला मंडल 60 सदस्य टीम, हटा से कलश लिए हुए महिला मंडल, जिन शरण विद्या विराग महिला मंडल दमोह ,जैन मिलन दमोह नेमीनगर शाखा, जिनवाणी महिला मंडल, महिला परिषद, सिंघई महिला मंडल दमोह वाद्य यंत्रों के साथ, कांच मंदिर महिला मंडल ,भाई जी मंदिर महिला मंडल, राजीव नगर कॉलोनी महिला मंडल, टंडन बगीचा महिला मंडल, सुधा कलश महिला मंडल पारंपरिक वेशभूषा में आकर्षण का केंद्र रहा ,चौधरी मंदिर 60 सदस्य महिला मंडल, णमोकार महिला मंडल ,बड़ा मंदिर महिला मंडल ,आदर्श जैन मिलन नगर प्रमुख शाखा अगवानी प्रभारी, पाटन धमाल पार्टी, मुड़िया बैंड पार्टी ,पटेरा के युवा धर्म ध्वज के साथ ,पलंदी मंदिर प्रतिभा मंडल ,नसिया महिला मंडल, जैन मिलन वरिष्ठ शाखा के साथ, बड़े मंदिर ,चौधरी मंदिर और अन्य पाठशालाओं के बच्चे भी अगवानी में शामिल थे।
परिक्रमा लगाकर अभिवादन किया
बड़ी संख्या में देश के कोने-कोने से आए हुए श्रद्धालु भक्तगण अगवानी में चल रहे थे। पटेरा से लेकर बड़े बाबा मंदिर परिसर तक पूरे रास्ते में रंगोली की दिव्या छठ देखते ही बनती थी। यहां पर पूर्व में विराजित मुनि अनुपम सागर जी, मुनि संयम सागर जी एवं माता जी ने मुनि संघ की अगवानी की और पूर्णयु के सामने परिक्रमा लगाकर अभिवादन किया।
अभिषेक, शांतिधारा की
नववर्ष 2026 एक जनवरी को प्रातः पूज्य बड़े बाबा मंदिर परिसर में भावना योग सुबह 8:30 से 9:30 और पूज्य बड़े बाबा का अभिषेक, शांतिधारा, भक्तामर महामंडल विधान, पूजन विधान का कार्यक्रम के साथ नए वर्ष का शुभारंभ किया गया। शंका समाधान का कार्यक्रम भी हुआ। रात्रि में 8:00 बजे से सुप्रसिद्ध गायक नीलेश जैन म्यूजिकल ग्रुप बुढ़ार के कलाकारों द्वारा भव्य भक्ति संध्या के आयोजन मैं श्रद्धालु भक्तों ने भक्ति गीतों का भरपूर आनंद लिया और पूज्य बड़े बाबा की महाआरती की।













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