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तीर्थस्थल में व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देने से रोष

खनियाधाना (मध्यप्रदेश).संजय के जैन । करीब 3000 वर्ष प्राचीन प्रसिद्ध जैन तीर्थ गोलाकोट क्षेत्र में मछली पालन/शिकार और पर्यटन से आय के लिए पर्यटकों को टेंट में रहने देने की अनुमति से क्षेत्र में मांस, मदिरा और अन्य अनैतिक कार्यों से पवित्र व अहिंसक वातावरण नष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है। इससे स्थानीय जैन समुदाय में रोष है। विश्व जैन संगठन के अनुसार गोलाकोट क्षेत्र में कुछ समय पहले तक सरकार सड़क निर्माण में रुचि नहीं ले रही थी। इसके बाद स्थानीय जैन समुदाय के प्रयासों से क्षेत्र का विकास किया गया। इससे सरकार की रुचि भी क्षेत्र में जागृत हो गई।

उसने मछली पालन और पर्यटन के नाम पर क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों को खोल दिया है। इससे क्षेत्र की पवित्रता नष्ट हो रही है। संगठन का कहना है कि पहले शिखर जी और अब गोलाकोट क्षेत्र को पर्यटन स्थल बनाकर अपवित्र करने का प्रयास सहन नहीं किया जाएगा।

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