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टीकमगढ़ : आदिनाथ धाम पंचकल्याणक महोत्सव की धूम दो दिन बाद शुरु होगा मुख्य कार्यक्रम

टीकमगढ़ शहर की की नंदीश्वर कॉलोनी स्थित आदिनाथ धाम का पंचकल्याणक महोत्सव 2 दिन बाद से शुरू होने जा रहा है । पंचकल्याणक महोत्सव 23 फरवरी को भगवान के मोक्ष कल्याणक एवं गजरथ परिक्रमा के साथ समापन होगा । विस्तार से पढ़िए टीकमगढ़ से हमारे सहयोगी राजीव सिंघई मोनू की रिपोर्ट।


टीकमगढ़ में नंदीश्वर कॉलोनी में आदिनाथ धाम का पंचकल्याणक महोत्सव आयोजित हो रहा है । दो दिन बाद मुख्य कार्यक्रम शुरु हो जाएंगे । इस आयोजन को अपना सानिध्य देने के लिए निर्यापक मुनि पुंगव श्री 108 सुधा सागर जी महाराज एवं छुल्लक105 गंभीर सागर जी महाराज नंदीश्वर कॉलोनी में विराजित है । प्रतिदिन मुनि श्री के प्रवचन हो रहे हैं हजारों लोग धर्म रूपी गंगा में अवगाहन कर पुण्य लाभ ले रहे हैं । शाम को 6:00 बजे मुनि श्री द्वारा जिज्ञासाओं का समाधान भी किया जा रहा है ।

बुधवार को हुआ पाद प्रक्षालन,दीप प्रज्जवलन

बुधवार को हुए आयोजन में पाद प्रक्षालन का सौभाग्य पंडित सुनील शास्त्री को मिला वहीं दीप प्रज्वलन प्रदीप जी भदौरा द्वारा किया गया । मीडिया संयोजक प्रदीप जैन बम्होरी ने बताया कि मुनि श्री सुधा सागर जी महाराज के बंधा जी आगमन हेतु अतिशय क्षेत्र बंधा जी कमेटी एवं समाज के लोगों द्वारा श्रीफल भेंट किया । आहार जी कमेटी, बाजार जैन मंदिर कमेटी, मझार जैन मंदिर कमेटी ने भी श्रीफल भेंट किया ।

मुनि श्री सुधासागर जी महाराज की धर्मसभा का आयोजन

मुनि श्री सुधा सागर जी महाराज ने धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि सत्य का निर्णय करने में कठोर होना पड़ता है कठोरता के बिना सत्य का निर्णय नहीं हो सकता । मुनि श्री ने कहा कि झूठ के कभी पैर नहीं होते सत्य बोलने के अनेक तरीके नहीं होते सत्य बोलने का एक ही तरीका होता है सत्य बोलने में हमें कुछ याद नहीं रखना पड़ता है । एक झूठ को छुपाने के लिए हजार झूठ बोलने पड़ते हैं। डर के व्यक्ति झूठ बोलता है । सच बोलने में डरने की आवश्यकता नहीं पड़ती ।

मुनिश्री ने जब पूछ लिया आप अपने आप को भव्य मानते हैं या अभव्य…

मुनि श्री ने श्रावकों से पूछा कि आप अपने आप को भव्य मानते हो कि अभव्य ? क्योंकि अगर भव्य मानते हो तो हमे आत्म कल्याण के लिए कुछ अच्छा करना पड़ेगा। जो भी अच्छा करना है आज ही कर डालो हमारी जिंदगी घटती जा रही है। एक-एक दिन निकलता जा रहा है जब भी कोई अच्छा कार्य करना हो तो उसको कल के लिए नहीं टालो उसको आज ही कर डालो तभी हम भव्य से भव्यतम बन सकते हैं ।

खाते में पुण्य का संचय करते रहिए : मुनि श्री सुधासागर जी

कोई भक्त बनने से मना नहीं करेगा सम्यक दृष्टि बनने से मना नहीं करेगा । कोई सौधर्म इंद्र बनता है कोई यज्ञ नायक बनता है । कोई कुबेर बनता है यह हमारे कई जन्मों के पुण्य का प्रतिफल है । अगर हमारे खाते में पुण्य का संचय नहीं होगा हम कुछ भी नहीं बन पाएंगे । मुनि श्री ने कहा कि मंदिर भगवान के पुण्य से नहीं बनता मंदिर आपके पुण्य से बना है। भगवान के पुण्य से अतिशय नहीं होते अतिशय तो भक्तों की भक्ति से होते हैं । आपके नगर में मंदिर बना है आपकी कॉलोनी में मंदिर का निर्माण हुआ है ।आपके कई जन्मों के पुण्य का प्रतिफल है तुम्हारा धन मंदिर के निर्माण में लगा है तुम्हें उसका पुण्य अवश्य मिलेगा तुम्हारा धन पाप में नहीं जाएगा ।

एक घर भी ऐसा न रहे जिसकी पंचकल्याणक में सहभागिता न हो*- मुनि श्री सुधा सागर जी महाराज

दो दिन बाद पंचकल्याणक महोत्सव शुरू होने जा रहा है पात्रों का चयन हो चुका है । टीकमगढ़ शहर एवं नंदीश्वर कॉलोनी से का ऐसा एक भी घर नहीं रहना चाहिए । जिसने पंचकल्याणक महोत्सव में अपनी सहभागिता न निभाई हो । सभी लोगों को अपनी क्षमता के अनुरूप अपने आप को समर्पित करना है। यही समर्पण हमारा मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करेगा ।

बुधवार को दोपहर 3:00 बजे राजीव जैन पार्षद के साथ मुख्य नगरपालिका अधिकारी श्रीमती गीता मांझी असिस्टेंट इंजीनियर श्रीमती अंजलि शुक्ला अकाउंटेंट विजय यादव एवं पाठक जी ने मुनि श्री के पास आकर श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

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