पट्टाचार्य विशुद्ध सागर महाराज जी ससंघ नगर में विराजित हैं। उन्हीं के शिष्य विचित्र बाते प्रणेता मुनिश्री सर्वार्थ सागरजी के यहां नित प्रवचन हो रहे हैं। इस धर्मसभा में विदिशा सहित आसपास के गांव और शहरों के जैन समाज के लोग प्रवचन सुनकर ज्ञानार्जन कर रहे हैं। विदिशा से पढ़िए, अभिषेक अशोक पाटील की यह खबर…
विदिशा। पट्टाचार्य विशुद्ध सागर महाराज जी ससंघ नगर में विराजित हैं। उन्हीं के शिष्य विचित्र बाते प्रणेता मुनिश्री सर्वार्थ सागरजी के यहां नित प्रवचन हो रहे हैं। इस धर्मसभा में विदिशा सहित आसपास के गांव और शहरों के जैन समाज के लोग प्रवचन सुनकर ज्ञानार्जन कर रहे हैं। मुनिश्री सर्वार्थसागर जी प्रवचन में कहा कि गलतियां जो विद्यार्थियों को नहीं करनी चाहिए। वह हैं टालमटोल करना, दूसरों से तुलना करना, सिर्फ रट्टा मारना बिना समझे, आज हम तीन ऐसी गलतियों की बात करेंगे जो अगर आप टाल दें तो सफलता आपके और करीब आ जाएगी।
पहली गलती टालमटोल करना:- जब हम सोचते हैं कि ‘कल कर लेंगे’, वही ‘कल’ कभी आता ही नहीं। याद रखिए, सबसे अच्छा समय अभी है।
दूसरी गलती दूसरों से तुलना करना:- हर किसी की यात्रा अलग होती है। किसी और की रफ्तार देखकर खुद को कम मत समझिए। आप जैसे हैं, वैसा कोई और नहीं हो सकता और यही आपकी ताकत है।
तीसरी गलती बिना समझे रट्टा मारना:- सिर्फ याद कर लेना ज्ञान नहीं होता। जब आप किसी बात को समझते हैं, तभी वो ज़िंदगी भर आपके साथ रहती है। तो दोस्तों, इन तीन गलतियों से बचिए सोचिए, समझिए और पूरे दिल से सीखिए। यही श्रेष्ठ विद्यार्थी की पहचान है।













Add Comment