समाचार

इंदौर की धरती पर तीन जैनेश्वरी दीक्षा गौरवशाली क्षण : अपार जनसमूह के बीच आचार्य श्री ससंघ ने मंत्रोचार से दी दीक्षा


विजयनगर पंचबालयति चतुर्मास समिति के तत्वावधान में रविवार को इंदौर की धरती महान गौरवशाली क्षण का साक्षी बनी। यहां आचार्य श्री विनम्र सागर जी महाराज, आचार्य श्री विशद सागर जी, आचार्य श्री विभव सागर जी, आचार्य विप्रणत सागर जी महाराज सहित मुनिसंघों और माताजी संघों की मौजूदगी में तीन जैनेश्वरी दीक्षा संपन्न हुई। इंदौर से पढ़िए, यह खबर…


इंदौर। विजयनगर पंचबालयति चतुर्मास समिति के तत्वावधान में रविवार को इंदौर की धरती महान गौरवशाली क्षण का साक्षी बनी। यहां आचार्य श्री विनम्र सागर जी महाराज, आचार्य श्री विशद सागर जी, आचार्य श्री विभव सागर जी, आचार्य विप्रणत सागर जी महाराज सहित मुनिसंघों और माताजी संघों की मौजूदगी में तीन जैनेश्वरी दीक्षा संपन्न हुई। इस अवसर पर देश के विभिन्न नगरों और प्रान्तों से बड़ी संख्या में दिगंबर जैन समाज के श्रेष्ठिजन उपस्थित हुए। जब जैनेश्वरी दीक्षा का आरंभ किया गया तब यहां मौजूद समाज श्रेष्ठिजन भाव विह्वल हो गए। आचार्य श्री विनम्र सागर जी ने अनिल भैया, पवन भैया और एलक श्री विनमित सागर जी को मुनि दीक्षा प्रदान की। विशाल पंडाल में जब जिनेश जैनेश्वरी दीक्षा आरंभ हुई गुरुदेव के जयकारों से पूरा पंडाल गूंज उठा। आचार्य विनम्र सागर जी ने दीक्षार्थियों के परिजन, उपस्थित समाज श्रेष्ठिजन और आयोजन समिति के पदाधिकारियों से उनकी अनुमति मांगी कि दीक्षार्थियों को दीक्षा की अनुमति प्रदान करें। तो सभी ने दीक्षार्थियों के त्याग और संयम की सराहना करते हुए अनुमोदना की और अपनी अनुमति प्रदान की। इस अवसर पर दीक्षार्थियों की केशलोच प्रक्रिया आरंभ हुई और इससे पूर्व दीक्षार्थियों की बिनोली बैण्डबाजों के साथ निकाली गई।

जिसमें बड़ी संख्या में दिगंबर जैन समाज के लोग सम्मिलित हुए आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि शाम करीब 5 बजे दीक्षार्थियों ने गृहस्थ अवस्था का त्याग कर सांसारिक जीवन से वैराग्य प्राप्त किया और वस्त्र आभूषण आदि का भी त्याग किया। इस अवसर पर सभी समाज के सृष्टि जान इस गौरवशाली ऋण के साक्षी बने। आचार्य श्री विनम्र सागर जी ने दीक्षार्थी बंधुओं के सिर पर स्वस्तिक बनाकर अपना आशीर्वाद प्रदान किया। विशाल धर्म सभा को आचार्य श्री विशद ससगर जी महाराज ने भी संबोधित किया। इस मौके पर केशलोच किए गए केश की डिब्बियों की बोली लगाई गई।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
2
+1
0
+1
0
Shreephal Jain News

About the author

Shreephal Jain News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page