विदिशा में विचित्र बाते प्रणेता श्री सर्वार्थ सागर जी महाराज द्वारा अहमदाबाद विमान दुर्घटना के संदर्भ में सांत्वना संदेश दिया गया। उन्होंने कहा किकुछ घटनाएं ऐसी होती हैं जो शब्दों से परे होती हैं। विदिशा से पढ़िए, अभिषेक अशोक पाटिल की यह खबर…
विदिशा। पट्टाचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ विदिशा में विराजमान हैं। यहां नित प्रवचनों का दौर जारी है। इसका धर्म प्रेमी जनता लाभ ले रही हैं। विदिशा में विचित्र बाते प्रणेता श्री सर्वार्थ सागर जी महाराज द्वारा अहमदाबाद विमान दुर्घटना के संदर्भ में सांत्वना संदेश दिया गया। इस अवसर पर मुनि श्री सर्वार्थ सागर जी महाराज ने कहा कि कुछ घटनाएं ऐसी होती हैं जो शब्दों से परे होती हैं। यह विमान दुर्घटना भी वैसी ही एक त्रासदी है। जिन चेहरों ने मुस्कान दी, जिन आवाज़ों ने घर को जीवन दिया, वे अचानक खामोश हो गईं। यह क्षति केवल निजी नहीं, बल्कि हम सबकी साझी पीड़ा है।
हम उनके परिवारों और प्रियजनों के साथ इस शोक में सहभागी हैं। हम जानते हैं कि इस दर्द की कोई तुलना नहीं, पर हम यह भी जानते हैं कि मानव आत्मा बड़ी गहरी और मजबूत होती है। उन्होंने कहा कि हर आँसू, हर याद, हमें यह सिखाती है कि जीवन कितना नाजुक, पर कितना मूल्यवान है। जो लोग चले गए, उन्होंने अपने जीवन में जो प्रेम और ऊर्जा बिखेरी। वही अब हमारी प्रेरणा बनेगी।
कभी-कभी अंधकार ही वह स्थान होता है जहां से प्रकाश फूटता है। इस दुःख से उबरना आसान नहीं होगा, लेकिन एक दिन ऐसा आएगा जब हम फिर मुस्करएगा उनके नाम पर, उनके लिए, क्योंकि वे यही चाहते। उनकी यादों से हम कमज़ोर नहीं, बल्कि और भी मजबूत बनेंगे।













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