मंगलगिरी महामहोत्सव 2025 में भारतीय जैन मिलन क्षेत्र 10 का तृतीय कार्यकारिणी तीर्थक्षेत्र रक्षा सम्मलेन अतिशय क्षेत्र मंगलगिरी में हुआ। इसमें पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी ससंघ ( 27पिच्छी) के सान्निध्य में विविध विषयों पर चर्चा हुई। सागर से पढ़िए, मनीष जैन विद्यार्थी की यह खबर…
सागर। मंगलगिरी महामहोत्सव 2025 में भारतीय जैन मिलन क्षेत्र 10 का तृतीय कार्यकारिणी तीर्थक्षेत्र रक्षा सम्मलेन अतिशय क्षेत्र मंगलगिरी में हुआ। इसमें पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी ससंघ ( 27पिच्छी) के सान्निध्य में विविध विषयों पर चर्चा हुई। प्रारंभ में भगवान महावीर स्वामी के चित्र का अनावरण एवं दीप प्रज्वलन ब्र. जयकुमार निशांत, पं. पवन दीवान सहित समस्त राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय पदाधिकारियों ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक महावीर प्रार्थना से की गई। तीर्थ रक्षा सम्मेलन तृतीय कार्यकारिणी की अध्यक्षता क्षेत्रीय अध्यक्ष अतिवीर अरुण जैन चंदेरिया ने की। मुख्य अतिथि समारोह गौरव राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष कमलेंद्र, विशिष्ट अतिथि अतिवीर इंजी. आरके जैन राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मंचासीन रहे। मंच संचालन क्षेत्रीय मंत्री अति वीरांगना कविता ऋषभ जैन, क्षेत्रीय कार्यकारी अध्यक्ष वीर जिनेश जैन, आभार क्षेत्र उपाध्यक्ष मनीष विद्यार्थी ने माना । स्वागत भाषण क्षेत्रीय अध्यक्ष एवं द्वितीय कार्यकारिणी की गतिविधियां क्षेत्रीय मंत्री दी गई। जैन मिलन के पदाधिकारियों ने आगंतुक शाखों के पदाधिकारी का सम्मान किया। उपस्थित पदाधिकारियों ने तीर्थ क्षेत्र रक्षा पर अपने विचार रखे एवं बुंदेलखंड तीर्थ रक्षा कमेटी बनाने का सुझाव दिया। अतिशय क्षेत्र मंगलगिरी अध्यक्ष ने भी अपने विचार रखे एवं क्षेत्र की बाउंड्री बाल बनाकर सुरक्षित करने की बात रखी।
मुख्य मार्ग से दूर प्राचीन तीर्थ क्षेत्र की सुरक्षा हो
मुख्य अतिथि अतिवीर कमलेंद्र ने बताया कि भारतीय जैन मिलन ने यह वर्ष तीर्थ रक्षा एवं साधु साध्वी सुरक्षा जागरूकता अभियान के तहत दिगंबर, श्रेतांबर, स्थानकवासी साधुओं चातुर्मास के दौरान भारतीय जैन मिलन के 19 क्षेत्र की 1600 से अधिक शाखाओं ने अनेक नगरों में तीर्थ रक्षा सम्मेलन आयोजित कर जैन साधर्मी बंधुओं को तीर्थ रक्षा के लिए जागरूक करने में महती भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि गांव के श्रावक पलायन कर शहरों में कॉलोनियों में बस कर नए मंदिर बना रहे हैं, गांव के मंदिरों की व्यवस्था भी करें। मुख्य मार्ग से दूर प्राचीन तीर्थ क्षेत्र की सुरक्षा हो, कम प्रभावना वाले साधुओं के आहार विहार की व्यवस्था एवं सुरक्षा हो, प्राचीन जैन मंदिरों से संबद्ध जमीनों एवं संपत्ति की सुरक्षा जैसे अनेक विषयों पर समाज को सजग होकर महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी एवं जैन तीर्थ एवं जैन विरासत की रक्षा जैसे ज्वलंत विषय पर अपनी बात रखी।
यह भी रहे उपस्थित
आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी ने भारतीय जैन मिलन की प्रशंसा करते हुए तीर्थ रक्षा एवं जैन सनातन धर्म पर केंद्रित ही अपने संपूर्ण प्रवचन दिए। कार्यक्रम में मुख्य रूप से कार्यकारिणी अध्यक्ष वीर संजय जैन शक्कर, कोषाध्यक्ष प्रमोद जैन भाईजी, उपाध्यक्ष मंजू सतभैया, राष्ट्रीय संयोजक इंजी.वीर महेश जैन एवं जैन मिलन की 30 शाखों के पदाधिकारी सदस्य गण उपस्थित थे।













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