समाचार

नेमिनाथ मंदिर में 25 समवशरण वाला भव्य कल्पद्रुम महामंडल विधान होगा: खैरवाड़ा में 18 सितंबर से होगा आयोजन, पात्र चयन के लिए कार्यक्रम संपन्न


नेमिनाथ मंदिर में 25 समवशरण वाला भव्य कल्पद्रुम महामंडल विधान किया जाएगा। मंदिर में आर्यिका सुप्रज्ञमति माताजी ससंघ का चातुर्मास चल रहा है। उनके सानिध्य में 11 दिवसीय विधान 18 से 28 सितंबर तक होगा। विधान में 25 समवशरण बनेंगे। खैरवाड़ा से पढ़िए, यह खबर…


खैरवाड़ा। स्थानीय नेमिनाथ मंदिर में 25 समवशरण वाला भव्य कल्पद्रुम महामंडल विधान का आयोजन किया जाएगा। मंदिर में आर्यिका सुप्रज्ञमति माताजी ससंघ का चातुर्मास चल रहा है। माताजी के सानिध्य में 11 दिवसीय कल्पद्रुम महामंडल विधान 18 से 28 सितंबर तक होगा। इस भव्य और ऐतिहासिक विधान में 25 समवशरण बनेंगे। दशा हुमड़ समाज खैरवाड़ा के संरक्षक बाबूलाल सर्राफ, अध्यक्ष वीरेंद्र वखारिया, मंत्री पंकज शाह, उपाध्यक्ष विपिन वखारिया, चातुर्मास कमेटी के अध्यक्ष नरेंद्र पंचोली और मंत्री कुलदीप जैन ने बताया कि विधान के लिए पात्र चयन का कार्यक्रम शांतिनाथ मंदिर के सभागार में हुआ। कार्यक्रम में सर्वप्रथम मंगलाचरण हुआ। उसके बाद पूर्वाचार्यों के फोटो अनावरण किया गया। उसका लाभ गुणवंत फड़िया परिवार को मिला। पाद प्रक्षालन का लाभ अरविंद वोरा परिवार को मिला और शास्त्रजी भेंट का सौभाग्य दशा हुमड समाज के अध्यक्ष वीरेंद्र वखारिया परिवार को मिला।

यह समाजजनों के परिवारों ने किया सौभाग्य अर्जित 

मंत्री कुलदीप जैन ने बताया कि विधान में चक्रवर्ती का सौभाग्य समाज अध्यक्ष वीरेंद्र वखारिया परिवार को प्राप्त हुआ। सौधर्म इंद्र चातुर्मास कमेटी के मंत्री कुलदीप जैन परिवार को प्राप्त हुआ। कुबेर इंद्र डॉ. रमण वखारिया परिवार, यज्ञ नायक शांतिलाल पंचोली परिवार, महामंडलेश्वर धनपाल शाह परिवार, राकेश शाह (नेमिनाथ), महेेद्र जैन, और श्रवण पंचोली परिवार बने। ध्वजारोहण का लाभ संरक्षक बाबूलाल शाह परिवार को प्राप्त हुआ। वही समवशरण उद्धाटन प्रवीण शाह, ईशान इंद्र दिनेश शाह, सनत इंद्र नरेंद्र पंचोली, महेंद्र इंद्र गुणवंत फड़िया, ब्रहमेंद्र प्रकाश पंचोली, भ्रमोतर कन्हैयालाल शाह, लंतव इंद्र सतीश पंचोली, कापिष्ठ इंद्र रोहित फड़िया परिवार को प्राप्त हुआ।

कल्पद्रुम महामंडल विधान की भव्यता महत्ता बताई

समाज अध्यक्ष वीरेंद्र वखारिया ने बताया कि पात्र चयन से पूर्व आर्यिका सुप्रज्ञमति माताजी ने चक्रवर्ती की महिमा और सौधर्म इंद्र की महत्ता के बारे में बताया। प्रतिष्ठाचार्य अरविंद जैन ने कल्पद्रुम महामंडल विधान की भव्यता और आयोजन के बारे में समझाया। यह 25 समवशरण वाला कल्पद्रुम महामंडल विधान प्रथम बार उदयपुर जिले के खैरवाड़ा में होगा। इस विधान की हम कल्पना कर रहे हैं, लेकिन जब इस विधान में हम सभी धर्म प्रेमी बंधु बैठकर पूजा-अर्चना करेंगे और इस विधान की महत्ता को समझेंगे तब हमें आनंद की अनुभूति होगी। हम खैरवाड़ा जैन समाज का सौभाग्य है कि इस विधान को करवाने और विधान में बैठने का लाभ मिल रहा है।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
3
+1
0
+1
0
Shreephal Jain News

About the author

Shreephal Jain News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page