अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर महाराज ने शुक्रवार को श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर संविद नगर, कनाडिया रोड पर धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि तनाव से जीवन में अशांति रहती है। धीरे-धीरे व्यक्ति अवसाद में आ जाता है। वह अपने का घात कर लेता है। जीवन का कोई ऐसा क्षण नहीं है, जिसमें तनाव न हो। तनाव से बनते काम भी बिगड़ जाते हैं। पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट…
इंदौर। अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर महाराज ने शुक्रवार को श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर संविद नगर, कनाडिया रोड पर धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि तनाव से जीवन में अशांति रहती है। धीरे-धीरे व्यक्ति अवसाद में आ जाता है। वह अपने का घात कर लेता है। जीवन का कोई ऐसा क्षण नहीं है, जिसमें तनाव न हो। तनाव से बनते काम भी बिगड़ जाते हैं। तनाव के कारण व्यक्ति अपने मन और मस्तिष्क को दूषित कर लेता है, जिसके कारण सोचने-समझने की क्षमता खत्म हो जाती है और सही रास्ते का निर्णय नहीं कर पाता है। तनाव से व्यक्ति की जीने की इच्छा ही खत्म हो जाती है।
सफलता को प्राप्त होने वाले काम भी तनाव से विफल हो जाते हैं। माता -पिता को बच्चों से कहना चाहिए कि तुम पढ़ने कहीं भी जाओ, पढ़ाई में नंबर कम आएं तो तनाव मत करना। आपके ऐसा कहने से बच्चे का तनाव कम हो जाएगा। उन्होंने कहा कि भूत, भविष्य के तनाव कर वर्तमान को बिगाड़ लेते हैं। तनाव को छोड़ने के लिए धार्मिक संगति, गुरु संगति की आवश्यकता होती है, तभी हम तनाव से मुक्त होकर जीवन जी सकते हैं। इससे पहले मुनि श्री का पाद प्रक्षालन अशोक किरण जैन द्वारा किया गया। शास्त्र भेंट पदमा बड़जात्या द्वारा किया गया। धर्म सभा का संचालन महावीर जैन ने किया।
इनका हुआ सम्मान
श्रीफल जैन न्यूज की संपादक रेखा जैन का उनके धार्मिक कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए और प्रतिदिन स्मृति नगर से आहारचर्या करवाने के लिए कमलेश जैन और गुरु भक्त हितेश कासलीवाल का सम्मान सन्तोष जैन, गेंदालाल जैन, आलोक जैन, महिला मंडल अध्यक्ष सपना जैन, कनकमाला जैन, सविता मोदी द्वारा किया गया। सभा में सत्येन्द्र जैन, राजेश जैन, महावीर सेठ, आनन्द पहाड़िया, सन्तोष जैन, वीरेन्द्र पप्पन, अर्पित बड़जात्या व अन्य समाज जन मौजूद थे।













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