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इंदौर की धरती पर उतरेगा श्रीसिद्धचक्र महामंडल विधान का वैभवः धर्म प्रभावना से ओतप्रोत आयोजन में रोजाना सम्मलित होंगे 25 हजार से अधिक जैन धर्मानुयायी


108 मुनि श्री प्रमाण सागर जी, ससंघ, निर्वेग सागर जी, संधान सागर जी, अन्य छुल्लक महाराज जी के सानिध्य में यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। श्रीसिद्ध चक्र महामंडल विधान और अन्य आयोजनों की तैयारियां पिछले 21 दिनों से की जा रही है। विजयनगर चौराहे पर विशाल पांडाल तैयार करने के लिए 15 अक्टूबर से कार्य आरंभ किया गया है। मंगलवार को इसको अंतिम रूप दिया गया। 65 हजार स्क्वेयर फीट में मुख्य पांडाल बनाया गया है, जिसमें 108 सिद्ध चक्र मंडल होंगे। पढ़िए यह खबर…


इंदौर। इंदौर महानगर में पहली बार सिद्धों की आराधना का अनुपम अवसर आया है। मुनिश्री प्रणामसागर जी महाराज ससंघ के पावन सानिध्य में बीजाक्षर मंडल रचनायुक्त मूल संस्कृत में निबद्ध 108 मंडलीय श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं रथावर्तन महोत्सव का भव्यतम आयोजन होने जा रहा है। इसका आरंभ 7 नवंबर से होगा और 15 नवंबर तक विविध धार्मिक क्रियाएं संपन्न होंगी। 108 मुनि श्री प्रमाण सागर जी, ससंघ, निर्वेग सागर जी, संधान सागर जी, अन्य छुल्लक महाराज जी के सानिध्य में यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। श्रीसिद्ध चक्र महामंडल विधान और अन्य आयोजनों की तैयारियां पिछले 21 दिनों से की जा रही है।

विजयनगर चौराहे पर विशाल पांडाल तैयार करने के लिए 15 अक्टूबर से कार्य आरंभ किया गया था। मंगलवार को इसको अंतिम रूप दिए जाने का कार्य किया जा रहा है। 65 हजार स्क्वेयर फीट में मुख्य पांडाल बनाया गया है, जिसमें 108 सिद्ध चक्र मंडल होंगे। दो बड़े मंडल अलग से बनाए जाएंगे। मुख्य पांडाल के समीप ही डेढ़ लाख स्क्वेयर फीट में भोजनशाला, कार्यालय, संत निवास, प्रदर्शनी स्थल, दुकानें और द्रव्य भंडार आदि के लिए खास तौर पर पांडाल तैयार किया गया है। सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं रथावर्तन महोत्सव के लिए बन रहे पांडाल में 10 हजार जैन धर्मानुयायियों के बैठने की व्यवस्था रहेगी। प्रतिदिन यहां 25 हजार लोग दर्शन लाभ के लिए आने वाले हैें। 7 से 15 नवंबर होने वाले महोत्सव में प्रदेश सहित अन्य प्रदेशों से भी धर्मानुयायियों के आने का अनुमान है। कार्यक्रम की शुरुआत मोहता भवन से निकलने वाले भव्य जुलूस से होगी। इस विशाल जुलूस में 108 जिन प्रतिमाओं के साथ मंगल कलश लेकर जैन समाज के लोग और महिलाएं बड़ी संख्या में शामिल होंगे। आयोजन समिति के भावेश जैन ने बताया कि 16 नवंबर को गुणायतन एवं सेवायतन परिवार का राष्ट्रीय महाधिवेशन होगा। वहीं 17 नवंबर को भव्य पिच्छिका परिवर्तन महोत्सव का आयोजन होगा। इसके अलावा नवकार महामंत्र का पाठ समेत विविध धार्मिक कार्यक्रम और सांस्कृतिक आयोजन भी किए जाएंगे।

पांडाल की यह है विशेषता

श्रीसिद्ध चक्र महा मंडल विधान और रथावर्तन महोत्सव के पावन अवसर के लिए तैयार किए पांडाल को 65 हजार स्क्वेयर फीट में बनाया गया है। इसमें 10 हजार से अधिक लोगों के बैठने की व्यवस्था रहेगी। पांडाल को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है। पांडाल में दोनों ओर मंडल विधान के लिए विशाल मंच तैयार किया गया है। इन पर 108 मंडल विराजित होंगे। इनके साथ 3 हजार लाभार्थी के बैठने की व्यवस्था रहेगी। बीच में 3 हजार साधारण इंद्र-इंद्राणियां बैठेंगी। पांडाल के मध्य में दो बड़े मंडलों के लिए भी भव्य मंच को तैयार किया गया है।

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