समाचार

सांवला परिवार ने तपोदय तीर्थ बिजौलिया में की सिद्धों की आराधना : महामंडल विधान में भक्ति आस्था श्रद्धा का समन्वय 


विगत दिनों तपोदय तीर्थ बिजौलिया में ब्रह्मचारी विनोद भैया के कुशल संयोजन स्वर लहरियों के बीच सिद्धों की भव्य आराधना हुई। यह पल थे रामगंजमंडी के श्री निर्मलकुमार राहुल सावला एवं सभी सांवला परिवार की ओर से आयोजित सिद्धचक्र महामंडल विधान के, जो 5 दिन चला। बिजौलिया से पढ़िए, अभिषेक जैन लुहाड़िया की यह खबर…


बिजौलिया। विगत दिनों तपोदय तीर्थ बिजौलिया में ब्रह्मचारी विनोद भैया के कुशल संयोजन स्वर लहरियों के बीच सिद्धों की भव्य आराधना हुई। यह पल थे रामगंजमंडी के श्री निर्मलकुमार राहुल सावला एवं सभी सांवला परिवार की ओर से आयोजित सिद्धचक्र महामंडल विधान के, जो 5 दिन चला। इस महामंडल विधान में भक्ति आस्था श्रद्धा का समन्वय देखने को मिला। निश्चित रूप से सिद्ध क्षेत्र अतिशय क्षेत्र पर धार्मिक अनुष्ठान करना सौभाग्य का क्षण था। दूर दराज से आए भक्तों ने भी इसमें बढ़चढ़कर भाग लिया अपने कर्मों की निर्जरा की।

पूजा के समापन पर शोभायात्रा निकाली

दिगंबर जैन पार्श्वनाथ तीर्थ क्षेत्र में सोमवार को पांच दिवसीय सिद्ध चक्र मंडल विधान पूजा का समापन शोभायात्रा के साथ हुआ। इसमें काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। 24 जिनालय में जबलपुर के ब्रह्मचारी विनोद भैया महुआ के पंडित बृजेश शास्त्री के सानिध्य में संगीत के साथ सामूहिक पूजा हुई और रविवार को 1008 श्रीफल समर्पित किए गए। सुबह हवन पूर्णाहुति के साथ हुआ और क्षेत्र पर बैंडबाजों के साथ शोभायात्रा निकाली गई। इसमें दिगंबर जैन महिला मंडल और सांवला परिवार रामगंजमंडी की महिलाओं ने धार्मिक भजनों पर नृत्य किया।

सांवला परिवार का सम्मान किया 

धनोपिया परिवार की ओर से निर्मल सांवला परिवार को इस आयोजन के लिए अभिनंदन पत्र भेंटकर सम्मान किया गया। सांवला परिवार की तरफ से ब्रह्मचारी विनोद भैया का भी सम्मान किया गया और कोटा के राजेश जैन की ओर से भी उनका अभिनंदन किया गया।

इन स्थानों से भी पहुंचे श्रद्धालुगण 

इस कार्यक्रम में बिजौलिया के अलावा रामगजमंडी, कोटा, इंदौर, भानपुरा, गेरोठ, भीलवाड़ा, भवानी मंडी, जयपुर, सिंगोली, रावतभाटा से काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। महा अनुष्ठान संपन्न कर रामगंजमंडी आने पर सांवला परिवार के निर्मल सांवला काफी गदगद दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि अनंत जन्मों का कोई पुण्य संयोग उदय हुआ, जो हमें सिद्धचक्र महामंडल विधान करने का स्वर्णिम अवसर तपोदय तीर्थ बिजौलिया में मिला।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
1
+1
0
+1
0
Shree Phal News

About the author

Shree Phal News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page