नगर में विराजमान आचार्य श्री भारतभूषण जी महामुनिराज के शिष्य मुनि श्री भव्यभूषण जी महाराज का गुरुवार को सुबह 9.50 बजे खतौली में पूर्ण समता, शुद्ध आत्म-स्वरूप में स्थित होकर समाधि मरण हुआ। खतौली से पढ़िए, सोनल जैन की यह खबर…
खतौली। नगर में विराजमान आचार्य श्री भारतभूषण जी महामुनिराज के शिष्य मुनि श्री भव्यभूषण जी महाराज का गुरुवार को सुबह 9.50 बजे खतौली में पूर्ण समता, शुद्ध आत्म-स्वरूप में स्थित होकर समाधि मरण हुआ। उनका यह अविकल्प, निरिच्छ, शांत एवं राग-द्वेष रहित समाधि पथ दिगंबर जैन श्रमण संस्कृति की गौरवशाली परंपरा को और भी आलोकित करता है।
हम सभी साधर्मी बंधु-बहनों की ओर से दिवंगत महामुनि प्रभु के चरणों में कोटि-कोटि नमोस्तु, नमोस्तु, नमोस्तु अर्पित करते हैं। परमात्मा से प्रार्थना है कि उनकी पवित्र आत्मा मोक्ष मार्ग में आरूढ़ होकर उच्चतर गुणस्थान की ओर निरंतर अग्रसर हो। खतौली में समतापूर्वक समाधि डोला यात्रा का शुभारंभ हुआ।













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