तीर्थंकर भगवान नमिनाथ के मोक्ष कल्याण के उपलक्ष्य में शनिवार सुबह सिद्धाचल पर्वत अतिशय क्षेत्र में विशेष शांतिधारा, अभिषेक, पूजा विधान, निर्वाण कांड का पाठ किया गया। इस अवसर पर भगवान नमिनाथ का निर्वाण लाडू चढ़ाया गया। ग्वालियर से पढ़िए, यह खबर…
ग्वालियर। तीर्थंकर भगवान नमिनाथ के मोक्ष कल्याण के उपलक्ष्य में शनिवार सुबह सिद्धाचल पर्वत अतिशय क्षेत्र में विशेष शांतिधारा, अभिषेक, पूजा विधान, निर्वाण कांड का पाठ किया गया। इस अवसर पर भगवान नमिनाथ का निर्वाण लाडू चढ़ाया गया। पूजा विधान के उपरांत स्वल्पाहार की व्यवस्था की गई। इस अवसर पर महिलाओ एवं पुजारियों ने भगवान नमिनाथ का सामूहिक रूप से वाद्य यंत्रों के मधुर स्वर लहरियों के साथ से पूजन किया।
भक्तामर विधान के 48 दीप प्रज्वलित किए गए। यह जानकारी जैन समाज के मीडिया प्रभारी सौरभ जैन ने दी। सिद्धाचल अतिशय क्षेत्र पर पुजारी वीरेंद्र जैन ने विश्व शांति के लिए मोक्ष कल्याण पर्व पर विशेष शांति धारा और आरती की। सुभाषचंद्र जैन दादू ने सिद्धाचल अतिशय क्षेत्र पर विश्व की सबसे बड़ी मात्र एक पद्मासन प्रतिमा तीर्थंकर भगवान नमिनाथ की शिखरजी से मोक्ष पधारे तीर्थंकर भगवान नमिनाथ के बारे में प्रकाश डाला। पंकज जैन, हिमांशु जैन ने सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।













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